समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया, वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा का उद्देश्य PDA समाज के वोट काटना और अपने समर्थक वर्ग के वोट बढ़ाना है। उन्होंने भाजपा नेता सुब्रत पाठक के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल के नेता इस तरह की बातें करते हैं, तो चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि मेरठ और लखनऊ में बड़े पैमाने पर वोट काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ में करीब 12 लाख वोट हटाए गए, जबकि कई विधानसभा क्षेत्रों में लाखों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब किए गए।
अखिलेश यादव ने कुंदरकी उपचुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां प्राइवेट ड्रेस में अधिकारियों ने वोट डाले। इसके साथ ही कटेहरी, मीरापुर और अयोध्या उपचुनावों में भी गंभीर अनियमितताएं होने का आरोप लगाया। वोटर आईडी को आधार से जोड़ने की मांग उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि वोटर आईडी को आधार से जोड़ा जाए, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अब भाजपा मुद्दों पर चुनाव नहीं जीत सकती, इसलिए वोटर लिस्ट में हेरफेर कर रही है।
SIR के जरिए NRC-CAA लागू करने का आरोप अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के जरिए NRC और CAA लागू करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा,
“नोबेल पुरस्कार विजेताओं से नागरिकता पूछी जा रही है। हम पहले दिन से कह रहे हैं कि यह NRC-CAA की तैयारी है।” अंत मे उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार यह बताए कि घुसपैठियों की सूची आखिर कहां है।





