अयोध्या पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का स्वागत सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक संदेशों से भरा रहा। उनके स्वागत की गूंज अयोध्या से लेकर लखनऊ तक सुनाई दी। कहीं फूलों की बारिश हुई, कहीं बुलडोजर से पुष्पवर्षा कराई गई तो कहीं भव्य काफिले के साथ अभिनंदन हुआ। लेकिन इस पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना गोसाईगंज विधानसभा सीट से जुड़े दो चिर-प्रतिद्वंद्वियों का बारी-बारी अलग अलग स्थानों पर प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करना। गोसाईगंज से विधायक और सपा के निष्कासित विधायक अभय सिंह और भाजपा के पूर्व विधायक खब्बू तिवारी—दोनों नेताओं ने अलग-अलग अंदाज़ में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का जोरदार स्वागत किया। दोनों की मौजूदगी और सक्रियता ने साफ संकेत दे दिया कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर गोसाईगंज की सियासत अभी से गरमा गई है।

अभय सिंह ने स्वागत कार्यक्रम की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा कि अयोध्या जनपद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का आत्मीय, गरिमामयी और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के आगमन से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और संगठनात्मक संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है तथा सभी कार्यकर्ता राष्ट्रसेवा और संगठन की मजबूती के लिए एकजुट हैं। वहीं भाजपा के पूर्व विधायक खब्बू तिवारी ने भी प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में पूरी ताकत झोंक दी।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि लखनऊ से प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या आगमन पर गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र और सोहावल ब्लॉक के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर अयोध्या के विद्वानों द्वारा स्वस्तिवाचन और मंत्रोच्चार के साथ प्रदेश अध्यक्ष का अभिनंदन किया गया। खब्बू ने दावा किया कि जिस जोश और जनसमर्थन के साथ गोसाईगंज विधानसभा से लोग स्वागत में शामिल हुए, वह इस बात का संकेत है कि 2027 में गोसाईगंज सहित पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ एक स्वागत कार्यक्रम नहीं बल्कि 2027 के चुनावी रण की शुरुआत भी है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों नेता एक ही विधानसभा सीट और एक ही राजनीतिक दल से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पहले खब्बू तिवारी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते रहे हैं, जबकि अभय सिंह समाजवादी पार्टी से विधायक रहे। राज्यसभा चुनाव मे क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बाद सपा द्वारा निष्कासन के बाद से ही यह अटकलें तेज थीं कि अभय सिंह भाजपा का दामन थाम सकते हैं। अब प्रदेश अध्यक्ष के मंच से उनका खुला स्वागत इन अटकलों को और मजबूती देता नजर आ रहा है। फिलहाल यह तय नहीं है कि 2027 में गोसाईगंज विधानसभा सीट से भाजपा किसे अपना प्रत्याशी बनाएगी, लेकिन इतना स्पष्ट है कि दोनों दावेदार अपनी राजनीतिक ताकत, जनाधार और संगठनात्मक सक्रियता दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में गोसाईगंज की राजनीति और भी दिलचस्प मोड़ ले सकती है।





