प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित माघ मेले का दूसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण स्नान पर्व मकर संक्रांति आगामी 15 जनवरी को संपन्न होगा। पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को सकुशल स्नान कराने के बाद अब मेला प्रशासन मकर संक्रांति के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रशासन का अनुमान है कि इस पर्व पर एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार 12,100 फीट लंबाई में स्नान घाटों का निर्माण किया गया है। घाटों पर चेंजिंग रूम, पुआल, कॉसा और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पैदल दूरी को न्यूनतम रखने के लिए घाटों के नजदीक ही पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके तहत कुल 42 अस्थायी पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं, जहां लगभग 1 लाख से अधिक वाहन खड़े किए जा सकेंगे। सुगम आवागमन के लिए गोल्फ कार्ट और बाइक टैक्सी (रैपिडो सेवा) भी शुरू की गई है, जिससे बुजुर्गों और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को विशेष राहत मिलेगी।

माघ मेला-2024 में मकर संक्रांति के अवसर पर करीब 28.95 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार तीन गुना अधिक श्रद्धालुओं के अनुमान को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन का मेगा प्लान तैयार किया है। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि गंगा में पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कानपुर के गंगा बैराज से प्रतिदिन 8000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। साथ ही प्रयागराज में गंगा में गिरने वाले 81 नालों की टैपिंग पूरी कर ली गई है और जल की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।
मेला प्रशासन ने स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। माघ मेला को ओपन डिफेकेशन फ्री (ODF), दुर्गंध मुक्त और गंगा में जीरो डिस्चार्ज बनाने के उद्देश्य से—25,880 शौचालय,11,000 डस्टबिन,10 लाख से अधिक लाइनर बैग,25 सक्शन वाहन,3,300 सफाई कर्मी तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। माघ मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय के अनुसार— 17 थाने और 42 पुलिस चौकियां,20 अग्निशमन स्टेशन,07 अग्निशमन चौकियां,20 फायर वॉच टावर,01 जल पुलिस थाना,04 जल पुलिस सब कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
इसके साथ ही 8 किलोमीटर डीप वाटर बैरिकेडिंग और 2 किलोमीटर रिवर लाइन बनाई गई है। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए नगर एवं मेला क्षेत्र में 400 से अधिक सीसीटीवी और एआई युक्त कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे क्राउड मॉनिटरिंग, डेंसिटी एनालिसिस, घटना रिपोर्टिंग और स्वच्छता निगरानी की जा रही है। पैरामिलिट्री फोर्स की भी तैनाती की गई है।
मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित घाटों का ही उपयोग करें और सहयोग देकर मकर संक्रांति स्नान पर्व को सुरक्षित व सफल बनाएं





