पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार को बिहार की नई सरकार का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की रही, जिन्होंने पहली बार मंत्री पद की शपथ लेकर सक्रिय राजनीति में औपचारिक एंट्री की। इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जेडीयू की नई राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
सम्राट चौधरी कैबिनेट में विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रवण कुमार, लेसी सिंह, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, अशोक चौधरी, संजय सिंह टाइगर, मदन सहनी, संतोष कुमार सुमन और रमा निषाद सहित कई बड़े नेताओं को जगह मिली। इसके अलावा रत्नेश सदा, कुमार शैलेंद्र, केदार प्रसाद गुप्ता और लखेंद्र कुमार रौशन ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
कैबिनेट विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की भी स्पष्ट कोशिश दिखी। बीजेपी, जेडीयू और सहयोगी दलों के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर एनडीए ने सामाजिक समीकरण मजबूत करने का संदेश दिया है।
गांधी मैदान में आयोजित समारोह को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच एनडीए नेताओं ने इसे “विकास और स्थिर सरकार” की दिशा में बड़ा कदम बताया। वहीं विपक्ष ने इसे चुनावी तैयारी और राजनीतिक संतुलन साधने की कवायद करार दिया है।






