Home Uttar Pradesh शारदा सहायक प्रणाली की समीक्षा में जलशक्ति मंत्री सख्त, सिंचाई व्यवस्था को...

शारदा सहायक प्रणाली की समीक्षा में जलशक्ति मंत्री सख्त, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

48
0

लखनऊ।उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को परिकल्प भवन सभागार में शारदा सहायक संगठन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं के साथ मौजूदा योजनाओं, कार्यप्रगति और भविष्य की रणनीति पर गहन मंथन हुआ।

किसानों को समय पर पानी देना सरकार की प्राथमिकता

समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
“किसानों को समय पर और पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने दो टूक कहा कि सिंचाई परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

टेल क्षेत्रों तक पानी पहुंचाना विभाग की जिम्मेदारी

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहरों के अंतिम छोर (टेल क्षेत्रों) तक पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जल आपूर्ति में लापरवाही, अनियमितता या शिकायत मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अभियंताओं से सीधा संवाद, ली गई जमीनी फीडबैक

बैठक के दौरान मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधीक्षण अभियंताओं, अधिशासी अभियंताओं, सहायक एवं अवर अभियंताओं से सीधा संवाद कर एक-एक कार्य की समीक्षा की।
उन्होंने अच्छे कार्यों की सराहना की और व्यावहारिक सुझाव भी आमंत्रित किए, जिससे संगठन में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश

जलशक्ति मंत्री ने निर्देश दिए कि
सभी चल रही और प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी की जाएं।
उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं सीधे तौर पर किसानों की आय और प्रदेश की कृषि उन्नति से जुड़ी हुई हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नहरों की सफाई, मरम्मत और निगरानी पर जोर

बैठक में मंत्री ने नहरों की नियमित सफाई क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत
जल अपव्यय रोकने अवैध कटान और अनधिकृत जल उपयोग पर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड निरीक्षण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

आठ वर्षों में 190 परियोजनाएं पूरी, जल उपलब्धता में सुधार

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि
शारदा सहायक संगठन के अंतर्गत बीते आठ वर्षों में 17 जनपदों के 104 विधानसभा क्षेत्रों में 190 सिंचाई परियोजनाएं पूरी की गई हैं, जिन पर लगभग 760 करोड़ रुपये खर्च हुए।इन परियोजनाओं से नहरों में जल उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है।

रबी सीजन में रिकॉर्ड सिल्ट सफाई

वर्तमान रबी फसल के दौरान
12,166 किलोमीटर से अधिक लंबाई में नहरों की सिल्ट सफाई कराई गई,
जिसका सीधा लाभ टेल क्षेत्रों तक पानी पहुंचने के रूप में सामने आया है।

जलनिकासी और नहर पटरियों का भी हुआ सुधार

वित्तीय वर्ष में 562 ड्रेनों (1803 किमी) की सफाई 268 किमी नहर पटरियों की मरम्मत व नवीनीकरण
कराकर जलनिकासी और आवागमन को बेहतर बनाया गया है।

2026-27 में 129 नई परियोजनाओं की तैयारी

अधिकारियों ने जानकारी दी कि
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में 129 नई सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिन पर लगभग 112 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश की नहर प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।

शारदा सहायक प्रणाली का विशाल नेटवर्क

शारदा सहायक प्रणाली का
कल्चरेबल कमांड एरिया 16.58 लाख हेक्टेयर
कुल नहर लंबाई लगभग 14,580 किमी
टेलों की संख्या 2716
है, जो इसे प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई प्रणालियों में शामिल करता है।

उच्चस्तरीय बैठक में विभाग के शीर्ष अधिकारी रहे शामिल

समीक्षा बैठक में जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद,प्रमुख सचिव अनिल गर्ग,प्रमुख अभियंता संदीप कुमार,
शारदा सहायक संगठन के मुख्य अभियंता सहित विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here