मैनपुरी में योगी सरकार की भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान के तहत प्राचीन और ऐतिहासिक ‘राजा के ताल’ की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने निर्णायक कार्रवाई की। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया।
अवैध कब्जों का इतिहास
जानकारी के अनुसार, ‘राजा के ताल’ की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग की जा रही थी। भू-माफिया तालाब की जमीन बेचने का प्रयास कर रहे थे, जिसकी लगातार शिकायतें प्रशासन तक पहुंच रही थीं।
मंत्री के निर्देश और प्रशासन की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तक मामले की शिकायत पहुंची। मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राचीन धरोहरों और जलस्रोतों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके बाद एसडीएम सदर के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और राजस्व टीम मौके पर पहुंची।
- तालाब की भूमि पर बनाए गए 35 से अधिक अवैध प्लॉटों की बाउंड्री वॉल और निर्माण ध्वस्त किए गए।
- ताल की जमीन पर बने दो अवैध मकानों को खाली कराकर बुलडोजर से गिरा दिया गया।
पूरी कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
सरकार का संदेश: धरोहरों की सुरक्षा सर्वोपरि
इस कार्रवाई को सरकार द्वारा जलस्रोतों और प्राचीन धरोहरों के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने कहा कि तालाब की पूरी भूमि को कब्जा मुक्त कर रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा और भविष्य में किसी भी अवैध निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।





