उत्तर प्रदेश: प्रदेश की राजनीति इस वक्त उफान पर है। बीजेपी के भीतर सरकार और संगठन आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के बीच सत्ता और नेतृत्व को लेकर टकराव बढ़ रहा है।
ब्राह्मण समाज बन रहा बड़ा फैक्टर
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ब्राह्मण समाज धीरे-धीरे योगी आदित्यनाथ के साथ खड़ा होता दिखाई दे रहा है। पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद संगठन और सरकार के बीच खींचतान तेज हुई।
ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर पंकज चौधरी के सख्त ऐतराज और चेतावनी के बाद बैठक नहीं हुई, लेकिन ब्राह्मण समाज में संदेश गया कि संगठन के नए प्रमुख ने सबसे पहले ब्राह्मणों पर लगाम लगाने की कोशिश की।
पंकज चौधरी और ब्राह्मण समाज का विवाद
पंकज चौधरी की यात्रा के दौरान बस्ती में ब्राह्मण समाज के बड़े नेता हरिश द्विवेदी के साथ धक्का-मुक्की की घटना ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया।
सियासी नॉरेटिव फैल गया कि ब्राह्मण समाज पंकज चौधरी से नाराज और योगी के करीब जा रहा है।
संगठन बनाम सरकार: पावर कंट्रोल की लड़ाई
पंकज चौधरी पर आरोप हैं कि वह सरकार में लगातार दखल दे रहे हैं और संगठन के जरिए फैसले थोपने की कोशिश कर रहे हैं। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से निर्देश मिल रहे हैं।
दो प्रमुख मुद्दों ने घमासान और बढ़ाया:
- मंत्रिमंडल फेरबदल: लगभग 70% मंत्रियों की छुट्टी तय, नए मंत्री वही बनेंगे जिनके दिल्ली, अमित शाह और पंकज चौधरी से मजबूत रिश्ते हैं।
- SIR विवाद: योगी ने आदेश दिए कि कोई बीजेपी समर्थक न कटे, लेकिन पंकज चौधरी ने यह जिम्मेदारी सरकार पर डाल दी।
विपक्षी हमले और मणिकर्णिका घाट विवाद
विपक्ष ने मणिकर्णिका घाट को लेकर आरोप लगाए कि सरकार हजारों साल की विरासत को नष्ट कर रही है।
- अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी लगातार हमलावर
- आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और पप्पू यादव पर मुकदमा दर्ज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत काशी जाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर झूठ और AI-जेनरेटेड तस्वीरें फैलाने का आरोप लगाया।
समाज और राजनीतिक समर्थन
सूत्रों के अनुसार, राजनाथ सिंह, ब्राह्मण समाज और क्षत्रिय समाज इस वक्त खुलकर योगी के साथ खड़े हैं। यही समर्थन योगी को सियासी तूफान में मजबूती दे रहा है।





