लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत प्रदेश के 2 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में 2000 करोड़ रुपये की अनुदान राशि सीधे ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बटन दबाकर डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से यह राशि अंतरण की।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर रहे वर्चुअली शामिल
इस कार्यक्रम में केंद्रीय शहरी विकास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीबों और जरूरतमंदों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली योजना बताया।
10 लाभार्थियों को सौंपे गए पक्के मकान के स्वीकृति पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 लाभार्थियों को पक्के मकान के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए।
इनमें शामिल हैं—
- आशा देवी (लखनऊ)
- पिंकी राठौर (उन्नाव)
- निशा (लखनऊ)
- माया देवी (सीतापुर)
- स्नेह कुमारी (लखनऊ)
- गीता पाल (रायबरेली)
- सुश्री मीरा (लखनऊ)
- रामबेटी (हरदोई)
- हसीबून (लखनऊ)
- राम सहेली (लखीमपुर खीरी)
लाभार्थियों से मुख्यमंत्री का वर्चुअल संवाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान कई लाभार्थियों से वर्चुअली संवाद किया और पक्का मकान मिलने के बाद उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। वाराणसी की माधुरी, अयोध्या की रामावती देवी, अलीगढ़ की पूनम चौधरी, लखीमपुर खीरी के हीरालाल और गोरखपुर की सुमन देवी सहित अनेक लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए।
2014 से पहले और अब की व्यवस्था में अंतर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पाता था, लेकिन आज पारदर्शी व्यवस्था के चलते योजनाओं का सीधा लाभ जरूरतमंदों के खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रह गए कुछ विशेष समुदायों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभ दिया गया है।
आवास के साथ मिल रहीं बुनियादी सुविधाएं
सीएम योगी ने कहा कि सरकार केवल आवास ही नहीं, बल्कि उसके साथ
- शौचालय
- बिजली कनेक्शन
- गैस सिलेंडर
- आयुष्मान भारत योजना
जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है, जिससे लाभार्थियों के जीवन स्तर में समग्र सुधार हो रहा है।
2017 से 2025 तक 17 लाख से अधिक लोगों को मिला आवास
ग्रामीण और शहरी आवास योजनाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार यह सुनिश्चित किया गया कि पूरा पैसा लाभार्थियों को मिले। शहरी क्षेत्र में भी आवास उपलब्ध कराना एक ऐतिहासिक कदम है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच 17 लाख से अधिक लोगों को आवास उपलब्ध कराया गया और आज 2 लाख से अधिक लोगों को आवास का लाभ दिया जा रहा है।”





