उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार अहम कदम उठा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश में हाल ही में आईएएस अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया गया है। इस फेरबदल के तहत आईएएस अधिकारी सचिन कुर्वे को स्वास्थ्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य सचिव का चार्ज लेने के बाद सचिन कुर्वे ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं।
स्वास्थ्य सचिव का कार्यभार संभालते ही आईएएस सचिन कुर्वे एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि उनकी पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रदेश की आम जनता को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। सचिन कुर्वे ने यह भी कहा कि पूर्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन योजनाओं और कार्यों को शुरू किया गया है, उन्हें आगे बढ़ाना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा, ताकि प्रदेश के हर नागरिक को समय पर इलाज मिल सके।
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की बात करें तो उत्तराखंड में इस समय 13 जिला चिकित्सालय, 21 उपजिला चिकित्सालय, 80 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 577 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 2000 मातृ-शिशु कल्याण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य में 1985 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं, जहां आम जनता को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि “मेरी पहली प्राथमिकता यही है कि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। पहले से चल रही योजनाओं को और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।” कुल मिलाकर, नए स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे के नेतृत्व में उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में स्वास्थ्य विभाग जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है।



