उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बागपत दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति पूरी तरह जातिवाद और तुष्टिकरण पर टिकी है और पार्टी मुसलमानों को डर दिखाकर वोट हासिल करती रही है। डिप्टी सीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर मुस्लिम समाज सपा का साथ छोड़ दे, तो यह पार्टी राजनीतिक रूप से दो कौड़ी की भी नहीं बचेगी।
“सपा का दायरा सिर्फ प्रधान पद तक सीमित”
बागपत स्थित बीजेपी जिला कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता बैठक को संबोधित करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास जनता को दिखाने के लिए न तो विकास का मॉडल है और न ही सुशासन का कोई रिकॉर्ड। उन्होंने दावा किया कि अगर सपा विकास और काम के नाम पर वोट मांगे, तो उसे कहीं से समर्थन नहीं मिलेगा।
डिप्टी सीएम ने कहा कि सपा का राजनीतिक स्तर केवल ग्राम प्रधान जैसी सीमित राजनीति तक सिमट कर रह गया है।
“सपा शासन में गुंडागर्दी और माफियागिरी चरम पर थी”
ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान प्रदेश में गुंडागर्दी, माफिया राज और अराजकता को खुली छूट मिली हुई थी। उस समय आम लोग डर और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर थे।
उन्होंने कहा कि बागपत और बड़ौत जैसे इलाकों में यदि कहीं कोई खाली जमीन दिख जाती थी, तो सपाई उसे जबरन अपनी संपत्ति घोषित कर देते थे।
“गाड़ियों में खुलेआम बंदूकें, आज कानून का राज”
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि सपा शासन में अपराधियों का इतना दबदबा था कि एक-एक वाहन में 10–10 बंदूकें रखना आम बात थी।
इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि मौजूदा बीजेपी सरकार में कानून का शासन स्थापित है। आज प्रदेश में खुलेआम हथियार लेकर घूमने की किसी को हिम्मत नहीं होती। यदि कोई अवैध हथियार लेकर पकड़ा जाता है, तो न सिर्फ उसका लाइसेंस रद्द होता है बल्कि जनता भी उसे गुंडा बताकर खदेड़ देती है।
मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र, सपा पर गंभीर आरोप
ब्रजेश पाठक ने सपा सरकार पर प्रदेश में एक हजार से अधिक दंगे कराने का आरोप लगाते हुए मुजफ्फरनगर दंगों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सपा शासन के दौरान हालात इतने खराब थे कि शाम पांच बजे के बाद बेटियां घर से निकलने में डरती थीं, जबकि आज बीजेपी सरकार में महिलाएं रात 12 बजे भी खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं।
बैठक के बाद विकास और कानून व्यवस्था की समीक्षा
कार्यक्रम के अंत में डिप्टी सीएम ने बागपत जिले में चल रहे विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



