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महिला अधिकारों से समान कानून तक: उत्तरकाशी में यूसीसी दिवस बना जन-जागरूकता का मंच

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महिलाओं के अधिकार और समान कानून की ओर बड़ा कदम, UCC दिवस बना जन-जागरण का माध्यम।
डीएम प्रशांत आर्य की पहल पर नगर पालिकाओं में लगे UCC जागरूकता मोहल्ला शिविर।

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) ke ऐतिहासिक क्रियान्वयन के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को जिले में पहला UCC दिवस मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम जिला मुख्यालय पर आयोजित हुआ, जहां प्रशासन और कानून ने विशेषज्ञों ने इस कानून के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने आम जनता को अवगत कराया और कहा कि UCC का कार्य सभी नागरिकों को समान अधिकार देना है और दशकों से चली आ रही कानूनी असमानता को दूर करना है।यह दिवस भविष्य में एकता के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।

कैसे हुई कार्यक्रम की शुरुआत?

जिला मुख्यालय के ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उपनिबंधक अभिसार चौधरी द्वारा यूसीसी के विषय में जागरूकता और जरूरी जानकारियां भी साझा की गई थी। इसके साथ ही, यूसीसी से संबंधित क्विज का आयोजन भी किया गया जिसमें उपस्थित जन समूह द्वारा उत्साहित होके प्रतिभाग लिया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले में UCC के लागू होने को लेकर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को भी सम्मानित किया गया था।

कहां-कहां हुआ था कार्यक्रम का आयोजन?

जिला मुख्यालय के साथ-साथ बड़कोट तहसील के अंतर्गत ITI बड़कोट में भी UCC दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बड़कोट में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बड़कोट में अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय जनता को UCC के संबंध में जानकारी प्रदान की गई, जिससे UCC के माध्यम से विवाह पंजीकरण, उत्तराधिकार और अन्य पारिवारिक मामलों में सरलता आएगी। इसी दौरान कार्यक्रम में उपस्थित दूरस्थ क्षेत्रों से आए लोगों ने भी इस नई व्यवस्था को लेकर अपनी जिज्ञासाएं साझा की और कानून की बारीकियों को भी समझा।

डीएम प्रशांत आर्य की भूमिका क्या रही?

UCC दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों पर जिले की नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में मोहल्ला शिविर का आयोजन भी किया गया। इसके माध्यम से शहरी क्षेत्रों में UCC की जानकारी दी गई तथा UCC के पंजीकरण भी किए गए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता किसी की व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताओं में हस्तक्षेप नहीं करती, बल्कि यह नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षा प्रदान करती है। महिलाओं के अधिकारों, उनके पैतृक संपत्ति में समान हिस्सेदारी और भरण-पोषण के नियमों पर UCC में विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं।
गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के जन-प्रतिनिधि के रूप में, मुझे गर्व है कि हमारा राज्य देश में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना है। यह कानून किसी भी जाति या धर्म के विरुद्ध नहीं, बल्कि नारियों के सशक्तिकरण और सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं अद्भुत कदम है। हमने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं का सम्मान करते हुए, बहुविवाह और कुप्रथाओं को समाप्त कर एक प्रगतिशील समाज की नींव रखी है।

कैसे किया गया नागरिकों को जागरूक?

UCC दिवस के अवसर पर जनपद मुख्यालय, तहसील, ब्लॉक, नगर पालिका और ग्राम स्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा जिले में मार्गदर्शिकाएं और पेम्प्लेट्स भी वितरित किए गए। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि आने वाले दिनों में न्याय पंचायत स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इस दौरान जिला मुख्यालय पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से UCC संबंधित जागरूकता नाटक प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम के दौरान कौन-कौन शामिल हुए?

कार्यक्रम के दौरान, जिला मुख्यालय के कार्यक्रम में दायित्धारी राज्य मंत्री प्रताप सिंह पवार, ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप परमार, नगर पालिका अध्यक्ष चिन्यालीसौड़ मनोज कोहली, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, सीडीओ जय भारत सिंह, सीओ जनक जनक पवार, सीएमओ बीएस रावत, डीईओ शैलेंद्र अमोली, समाज कल्याण अधिकारी सुधीर जोशी, पर्यावरण विशेषज्ञ प्रताप मटुडा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। बड़कोट में पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम डोभाल, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, एसडीएम बृजेश तिवारी, डीएफओ रविंद पुंडीर, तहसीलदार रेणु सैनी, ईओ उमेश सुयाल सहित अन्य उपस्थित रहे।

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