आज के समय में इंसान को अगर कोई दो चीज़ें सबसे ज़्यादा तोड़ देती हैं,तो पहली है ग़रीबी और दूसरी है अस्पतालों का महँगा इलाज।हर किसी के पास इतना पैसा नहीं होता कि वो बड़ी बीमारी में लाखों का खर्च उठा सके। इसी मजबूरी को समझते हुए केंद्र सरकार ने आयुष्मान कार्ड की शुरुआत की। लेकिन सवाल ये है —अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड ही नहीं है, तो क्या इलाज मुमकिन नहीं? तो जवाब है — बिलकुल मुमकिन है!अगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, तो बिना आयुष्मान कार्ड के भी आप सरकारी ही नहीं, बल्कि प्राइवेट अस्पतालों में भी 5 लाख रुपये तक का इलाज बिल्कुल मुफ्त करा सकते हैं।जी हां! ये सुविधा मिलती है मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत।उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा 1 मार्च 2019 से शुरू की गई मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना एक महत्वाकांक्षी राज्य-स्तरीय स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसका मकसद है —प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर और मुफ्त इलाज देना।यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए है जो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस और पूरी तरह मुफ्त इलाज दिया जाता है। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना से 10 करोड़ से अधिक परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिले। इस योजना के अंतर्गत जिन बीमारियों का इलाज किया जाता है, उनमें शामिल हैं—
▪️ हृदय रोग (बायपास सर्जरी, एंजियोप्लास्टी)
▪️ किडनी ट्रांसप्लांट और डायलिसिस
▪️ कैंसर का इलाज और कीमोथेरेपी
▪️ न्यूरो सर्जरी और ब्रेन ट्यूमर ऑपरेशन
▪️ हड्डी और जोड़ से जुड़ी सर्जरी
▪️ जनरल सर्जरी, ENT और आंखों का इलाज
▪️ गर्भावस्था और डिलीवरी की सुविधाएं
▪️ बच्चों से जुड़ी गंभीर बीमारियां
▪️ दुर्घटना और आपातकालीन इलाज
अगर आप या आपका परिवार इस योजना का लाभ उठा सकता है, तो यह जानकारी आपके लिए नहीं — आपकी ज़िंदगी के लिए बेहद ज़रूरी है।



