राजधानी लखनऊ में बेटे अक्षत द्वारा पिता मानवेंद्र की निर्मम हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि प्रदेश के बहराइच से इससे भी अधिक वीभत्स और हृदयविदारक वारदात सामने आ गई। यहां एक बेटे ने अपने ही माता-पिता, दादी और बहन की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। दो अलग-अलग जिलों से आई इन घटनाओं ने रिश्तों की बुनियाद को झकझोर कर रख दिया है।
यह दिल दहला देने वाली घटना बसंतपुर रुदल गांव की है, जो रुपईडीहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। गांव में सोमवार सुबह जब लोगों को इस सामूहिक हत्याकांड की जानकारी मिली, तो चीख-पुकार और मातम का माहौल छा गया।
बताया जा रहा है कि परिवार में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोपी बेटे ने देर रात घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और पहले अपने पिता पर हमला किया, फिर मां, दादी और बहन को भी मौत के घाट उतार दिया। चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी ने अपने सिर पर ईंट मारकर खुद को घायल करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस के पहुंचने तक वह घर में ही मौजूद मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
लखनऊ में बेटे द्वारा पिता की हत्या और अब बहराइच में पूरे परिवार का सफाया—इन घटनाओं ने समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पारिवारिक विवाद अब संवाद से नहीं, बल्कि हिंसा से सुलझाए जा रहे हैं? क्या संपत्ति का विवाद रिश्तों से बड़ा हो गया है?
बसंतपुर रुदल गांव में हर घर के बाहर सन्नाटा पसरा है। पड़ोसियों के मुताबिक, परिवार में कहासुनी होती थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि बात इतनी भयावह मोड़ ले लेगी। एक ही घर से चार अर्थियां उठने की खबर ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला जमीनी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।





