लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने रविवार को पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर वोट की ताकत के जरिए सत्ता हासिल करने की अपील की।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कांशीराम ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की सोच और आंदोलन को पूरे देश में आगे बढ़ाया और बहुजन समाज को एकजुट करने में बड़ा योगदान दिया। उन्होंने कहा कि बसपा के कार्यकर्ता मिशनरी भावना के साथ अंबेडकरवादी विचारधारा को आगे बढ़ाएं और अपने वोट की ताकत से सत्ता की “मास्टर चाबी” हासिल करें।
लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम
कांशीराम की 92वीं जयंती के मौके पर राजधानी लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। बसपा ने ‘चलो लखनऊ’ अभियान चलाकर कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया। यह कार्यक्रम डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर आयोजित हुआ, जहां प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे।
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कार्यक्रम के दौरान मायावती ने समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनकी एक झलक पाने के लिए लखनऊ पहुंचे थे। बताया गया कि प्रदेश के 12 मंडलों से बसपा कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।
संगठन को मजबूत करने की कोशिश
पार्टी नेताओं का कहना है कि इस कार्यक्रम का मकसद संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना है। वहीं गौतमबुद्ध नगर में भी राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर कार्यक्रम आयोजित कर कांशीराम को श्रद्धांजलि दी गई।
2027 चुनाव की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांशीराम जयंती के जरिए बसपा 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से पार्टी संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार किया जा रहा है।
सपा ने मनाया ‘पीडीए दिवस’
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी की बाबा साहेब आंबेडकर वाहिनी ने कांशीराम जयंती को ‘पीडीए दिवस’ के रूप में मनाया। पार्टी नेताओं ने बताया कि अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश और देश के कई हिस्सों में श्रद्धांजलि सभाएं और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों में कांशीराम के सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष को याद किया गया।





