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अमावस्या के दिन शुरू होंगे चैत्र नवरात्र, क्या है कलश स्थापना का सही मुहूर्त?

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Chaitra Navratri 2026: इस साल चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च 2026, गुरुवार से हो रही है, हिंदू धर्म में नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा की उपासना और साधना के लिए बेहद शुभ माने जाते हैं, पंचांग के अनुसार नवरात्र की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है और यह पर्व लगातार नौ दिनों तक मनाया जाता है, इस बार का चैत्र नवरात्र कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय बाद चैत्र अमावस्या और नवरात्र की शुरुआत का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

72 साल बाद बन रहा खास संयोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्र के पहले दिन अमावस्या का प्रभाव भी रहेगा। ऐसा संयोग करीब 72 साल बाद बन रहा है, पंचांग के अनुसार चैत्र अमावस्या 18 मार्च सुबह 8:25 बजे से शुरू होकर 19 मार्च सुबह 6:52 बजे तक रहेगी, इसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू होगी, जिससे नवरात्र की शुरुआत मानी जाएगी।

चैत्र अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है।

स्नान-दान का शुभ समय: सुबह 4:51 बजे से 5:39 बजे तक

मान्यता है कि इस समय पवित्र नदी या घर पर स्नान कर दान-पुण्य करने से विशेष फल प्राप्त होता है।

चैत्र नवरात्र 2026 घटस्थापना मुहूर्त

नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना (घटस्थापना) का विशेष महत्व होता है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त: सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक

अगर इस समय में स्थापना न हो पाए तो दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकती है।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

इन शुभ योगों में शुरू होंगे नवरात्र

इस साल नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से होगी और 27 मार्च को इसका समापन होगा।

पंचांग के अनुसार पहले दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जैसे:

  • शुक्ल योग
  • ब्रह्म योग
  • सर्वार्थ सिद्धि योग

इन योगों को बेहद शुभ माना जाता है, मान्यता है कि इस समय मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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