जो उत्तर प्रदेश कभी खराब कानून-व्यवस्था और धीमी प्रशासनिक कार्यप्रणाली के लिए चर्चा में रहता था, वही आज सख्त एक्शन और जीरो टॉलरेंस नीति के लिए नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का साफ संदेश है कि अपराध चाहे किसी भी रूप में हो—हत्या, माफियागिरी या कालाबाजारी—कार्रवाई तय है और वह भी बिना देरी के। गाजियाबाद के लोनी में सलीम वास्तिक पर हुए हमले के बाद जिस तेजी से पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसा, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब रसूख नहीं बल्कि कानून का राज चलेगा। इसी तरह LPG की कालाबाजारी करने वालों पर हुई छापेमारी और सख्त मुकदमों ने यह दिखाया कि सरकार गरीब की रसोई पर संकट पैदा करने वालों को बख्शने के मूड में नहीं है।
also read योगी सरकार में यूपी में महिला सुरक्षा को बड़ा संबल, अप्रैल में 25 नए वन स्टॉप सेंटर होंगे शुरू

इसी कड़ी में ब्रज क्षेत्र के चर्चित गौरक्षक ‘फरसा वाले बाबा’ चंद्रशेखर की हत्या के मामले में भी सीएम योगी ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा कि अपराधी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और ऐसा न्याय होगा जिसे अपराधी हमेशा याद रखेंगे। इस बयान के बाद पुलिस और प्रशासन की सक्रियता और बढ़ गई है, जिससे यह संदेश गया है कि प्रदेश में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। बदायूं हत्याकांड हो या अन्य गंभीर मामले, एसआईटी गठन से लेकर संपत्तियों पर बुलडोजर की कार्रवाई तक, सरकार लगातार यह दिखा रही है कि अपराध के खिलाफ उसकी नीति सिर्फ शब्द नहीं बल्कि जमीन पर दिखने वाला एक्शन है। यही वजह है कि योगी सरकार के दौर में गुंडों, माफियाओं और अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसता नजर आ रहा है और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश साफ दिखाई देती है।






