बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। केसी त्यागी ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) छोड़कर राष्ट्रीय लोक दल (RLD) जॉइन कर लिया है। उन्होंने 22 मार्च को जयंत चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह अब चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि जयंत चौधरी को चौधरी चरण सिंह जैसा नेता बनते देखना चाहते हैं।
केसी त्यागी ने बताया कि उनका राजनीतिक सफर भी लोकदल से ही शुरू हुआ था और वे पहले भी चौधरी चरण सिंह के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि JDU और RLD की विचारधारा एक जैसी है और दोनों ही पार्टियां किसानों और समाजवादी सोच को आगे बढ़ाती हैं।
जाट राजनीति में बढ़ेगा RLD का प्रभाव
केसी त्यागी का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट राजनीति में काफी प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में उनके RLD में आने से पार्टी को जाट वोटरों के बीच मजबूती मिल सकती है। उनका अनुभव और रणनीति बनाने की क्षमता आने वाले चुनावों में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, खासकर उन सीटों पर जहां जाट वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
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कौन हैं केसी त्यागी?
केसी त्यागी, जिनका पूरा नाम किशन चंद त्यागी है, गाजियाबाद के रहने वाले हैं। उनका राजनीतिक करियर 1970 के दशक से शुरू हुआ। वह 1989 में हापुड़-गाजियाबाद सीट से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने समाजवादी पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव और बाद में JDU में राष्ट्रीय प्रवक्ता जैसे अहम पदों पर काम किया है।
साल 2013 में वे राज्यसभा सदस्य भी बने। उन्होंने JDU में कई बार राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी संभाली। साल 2024 में उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था।
कई मुद्दों पर सरकार को घेरा
केसी त्यागी अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने कई बार केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। खासतौर पर अग्निपथ योजना, यूनिफॉर्म सिविल कोड और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ जैसे मुद्दों पर उन्होंने अपनी अलग राय रखी थी।
अब RLD में शामिल होने के बाद उनकी भूमिका और सक्रिय हो सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनका यह कदम आने वाले चुनावों में बड़ा असर डाल सकता है।






