आईपीएल 2026 के आगाज़ से पहले जहां टीमें मैदान पर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं, वहीं डिजिटल दुनिया में भी जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है। खासकर आरसीबी चेन्नई और मुंबई के बीच लोकप्रियता की दौड़ ने दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। यह साफ संकेत है कि क्रिकेट अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी टीमों की लोकप्रियता का बड़ा पैमाना बन चुका है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 मार्च 2026 सुबह 10 बजे तक सोशल मीडिया मंच पर सबसे ज्यादा फॉलोवर्स के साथ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर शीर्ष पर बनी हुई है। आरसीबी के करीब 22.1 मिलियन फॉलोवर्स है , जो इसे डिजिटल रूप से सबसे मजबूत टीम बनाते हैं।
दूसरे स्थान पर चेन्नई सुपर किंग्स है, जिसके 21.8 मिलियन फॉलोवर्स हैं। चेन्नई की टीम का स्थिर प्रदर्शन और वर्षों से बनी मजबूत पहचान उसे हमेशा शीर्ष टीमों में बनाए रखती है। वहीं तीसरे स्थान पर मुंबई इंडियंस है, जिसके 18.9 मिलियन फॉलोवर्स हैं। मुंबई ने अपने शानदार रिकॉर्ड और कई खिताबों के दम पर मैदान के साथ-साथ डिजिटल मंच पर भी मजबूत पकड़ बनाई है।
इसके बाद चौथे स्थान पर कोलकाता है, जिसके 7.4 मिलियन फॉलोवर्स हैं। कोलकाता की टीम अपनी अलग पहचान और आकर्षक छवि के कारण हमेशा चर्चा में रहती है। पांचवें स्थान पर राजस्थान रॉयल्स है, जिसके 5.5 मिलियन फॉलोवर्स हैं। युवा खिलाड़ियों को मौका देने के कारण इस टीम का प्रशंसक वर्ग भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
छठे स्थान पर सनराइजर्स हैदराबाद है, जिसके 5.4 मिलियन फॉलोवर्स हैं। इसके बाद गुजरात
टाइटन्स 4.8 मिलियन फॉलोवर्स के साथ सातवें स्थान पर है। नई टीम होने के बावजूद गुजरात ने कम समय में अच्छी पहचान बना ली है।
आठवें और नौवें स्थान पर क्रमशः दिल्ली पंजाब जिनके 4.7-4.7 मिलियन फॉलोवर्स हैं।
वहीं दसवें स्थान पर लखनऊ सुपर जायंट्स
3.6 मिलियन फॉलोवर्स हैं। नई टीम होने के बावजूद लखनऊ की टीम धीरे-धीरे अपना प्रशंसक वर्ग मजबूत कर रही है।
इन आंकड़ों से यह साफ हो जाता है कि आईपीएल अब केवल क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक बड़ा डिजिटल ब्रांड बन चुका है।
दर्शक अपनी पसंदीदा टीमों से जुड़े रहने के लिए ऑनलाइन मंचों पर सक्रिय रहते हैं। मैच के मुख्य पल, खिलाड़ियों की निजी झलक, टीम से जुड़ी खबरें और मनोरंजक सामग्री—ये सभी चीजें
फॉलोवर्स की संख्या बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
हालांकि यह भी ध्यान देने योग्य है कि ये आंकड़े स्थायी नहीं हैं। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा और टीमें मैदान पर प्रदर्शन करेंगी, वैसे-वैसे उनकी लोकप्रियता में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।






