उत्तर प्रदेश में LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ योगी सरकार ने जबरदस्त एक्शन शुरू कर दिया है। गैस संकट की अफवाहों और उपभोक्ताओं की शिकायतों के बीच सरकार ने साफ कर दिया है कि जनता के हक पर डाका डालने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी, निरीक्षण और गिरफ्तारियों का दौर तेज हो गया है, जिससे गैस माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी और अनियमितताओं को रोकने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। अब तक प्रदेश भर में 12,732 निरीक्षण और छापेमारी की जा चुकी है, जिससे कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। इस कार्रवाई के दौरान 177 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन में शामिल 185 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश में गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए 4,108 गैस वितरकों की डिलीवरी व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिले और उनका दुरुपयोग न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद खाद्य आयुक्त कार्यालय में एक कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां से पूरे अभियान की मॉनिटरिंग की जा रही है और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने विशेष रूप से वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के 20 प्रतिशत आवंटन को लेकर भी सख्ती दिखाई है ताकि घरेलू गैस को कमर्शियल उपयोग में खपाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि जो भी व्यक्ति या एजेंसी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाई जाए, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। सरकार ने जनता से भी अपील की है कि गैस की कमी या संकट की अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में LPG उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। संदेश साफ है – जनता को परेशान करने वाले गैस माफियाओं पर योगी सरकार का बुलडोजर चलना तय है।






