उत्तर प्रदेश के हरदोई में समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता यदुनंदन लाल के एक कथित विवादित बयान को लेकर सियासी और सामाजिक विवाद तेज हो गया है, आरोप है कि उन्होंने अपने भाषण के दौरान भगवान श्रीराम और उनसे जुड़े धार्मिक पात्रों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक विरोध शुरू हो गया।
सपा ने बयान से किया किनारा
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने इस मामले में पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि यदुनंदन लाल का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का इस बयान से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सपा के कार्यकर्ता भी प्रभु श्रीराम में आस्था रखते हैं।
पुलिस ने क्या कहा?
हरपालपुर सर्किल के क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र सिंह के अनुसार, आरोपी नेता ने हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
भाजपा और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि राम नवमी जैसे पावन अवसर पर इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है और जनता इसका जवाब देगी, वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का अपमान करना देश की संस्कृति और मर्यादा के खिलाफ है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हिंदू संगठनों का विरोध
इस मामले में अखिल भारत हिंदू महासभा ने भी कड़ा विरोध जताया है, संगठन के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने लखनऊ के कोतवाली हजरतगंज में पुलिस को तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रभु श्रीराम, माता कौशल्या और पवित्र यज्ञों का अपमान किया गया है, जिससे सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, संगठन ने कहा कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।






