उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद अब सबकी नजर मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर टिकी हुई है। शपथ ग्रहण के चार दिन बाद भी नए मंत्रियों को विभाग आवंटित नहीं किए गए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में लगातार अटकलों का दौर जारी है। इसी बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से दिल्ली में अहम मुलाकात प्रस्तावित है, जिसे विभागों के बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर 3 बजे गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के नए मंत्रियों को विभाग सौंपने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हो सकती है। 10 मई को हुए कैबिनेट विस्तार में छह नेताओं ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी, जबकि दो राज्यमंत्रियों को प्रमोट कर बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी।
दरअसल, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार का यह कैबिनेट विस्तार बेहद अहम माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इस विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। शपथ लेने वालों में पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Singh Chaudhary सबसे चर्चित चेहरा रहे। उनके अलावा समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए Manoj Pandey को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई।
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इसके साथ ही सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को मंत्री बनाया गया। वहीं अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को राज्यमंत्री से प्रमोट कर सरकार ने संगठन और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने का संदेश दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने इस विस्तार के जरिए ओबीसी, दलित और ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की रणनीति अपनाई है।
नए मंत्रियों में एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित चेहरे शामिल किए गए हैं। खासतौर पर मनोज पांडेय को मंत्रिमंडल में शामिल करना बीजेपी की बड़ी राजनीतिक चाल माना जा रहा है। मनोज पांडेय लंबे समय तक समाजवादी पार्टी के प्रभावशाली ब्राह्मण चेहरों में गिने जाते रहे हैं। ऐसे में उनका बीजेपी सरकार में शामिल होना आगामी चुनावों से पहले ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति को ध्यान में रखते हुए भूपेंद्र सिंह चौधरी को कैबिनेट में शामिल करना भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जाट और पश्चिमी यूपी की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ बीजेपी के लिए चुनावी समीकरणों में अहम भूमिका निभा सकती है।
शपथ ग्रहण के बाद मंत्री बनीं कृष्णा पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार विकास कार्यों को और तेज करेगी। उन्होंने दावा किया कि सरकार का फोकस गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के उत्थान पर रहेगा।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलता है। माना जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद विभागों के बंटवारे की तस्वीर साफ हो सकती है। साथ ही यह भी तय माना जा रहा है कि बीजेपी आने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए हर फैसले को बेहद सावधानी से ले रही है।






