लंबे इंतजार के बाद विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री नेशनल पार्क के द्वार पर्यटकों के लिए खुल गए हैं। इसके साथ ही नेलांग वैली, गरतांग गली और गोमुख ट्रेक भी देश-विदेश से आने वाले सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं। पार्क खुलने के साथ ही उत्तरकाशी में पर्यटन सीजन की औपचारिक शुरुआत हो गई है। पहले ही दिन से बर्फ से ढकी चोटियों और शांत वादियों में रोमांच और सुकून की तलाश में पर्यटकों की आवाजाही तेज रही।
गंगोत्री नेशनल पार्क और उसके आसपास के ट्रैक रूट हर साल हजारों पर्यटकों और ट्रैकर्स को आकर्षित करते हैं, लेकिन सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण ये क्षेत्र बंद रहते हैं। इस बार लंबे अंतराल के बाद पार्क खुलते ही पर्यटकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। नेलांग वैली की रहस्यमयी घाटियां, गरतांग गली का ऐतिहासिक और रोमांचकारी रास्ता और गोमुख ट्रेक का आध्यात्मिक और प्राकृतिक महत्व एक बार फिर सैलानियों को अपनी ओर खींच रहा है।
पार्क प्रशासन ने पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। डीएफओ हरीश नेगी ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क क्षेत्र में प्रवेश के दौरान सभी पर्यटक निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करें और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दें। उन्होंने अपील की कि पर्यटक प्लास्टिक और अन्य कचरे का इस्तेमाल न करें, ताकि इस संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
पार्क खुलने से स्थानीय व्यवसायियों में भी उत्साह का माहौल है। होटल, गाइड, पोर्टर, वाहन संचालक और दुकानदार इस सीजन से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं। पर्यटन गतिविधियों में तेजी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की संभावना है, खासकर सीमांत क्षेत्रों में, जहां पर्यटन ही आय का मुख्य स्रोत है।






