नालंदा छेड़छाड़ कांड पर सियासत तेज: पप्पू यादव बोले “सरकार नाम की कोई चीज नहीं”
बिहार के नालंदा जिले में महिला के साथ सरेआम छेड़छाड़ और उसे सड़क पर घुमाने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है, इस मामले में पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन घटना के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है।
पप्पू यादव का तीखा बयान
पूर्णिया से सांसद Pappu Yadav ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा “सरकार नाम की कोई चीज नहीं है, कहीं क्या हो रहा है इससे सरकार को कोई मतलब नहीं”, उन्होंने कहा कि वह पीड़िता के समर्थन में नालंदा जा रहे हैं और इस मामले को गंभीरता से उठा रहे हैं।
घटना पर जताया गहरा आक्रोश
सांसद ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा महिला के साथ सार्वजनिक रूप से छेड़छाड़, भीड़ द्वारा वीडियो बनाना, समाज में बढ़ती संवेदनहीनता उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती अश्लीलता और नशे की प्रवृत्ति के कारण महिलाओं के प्रति सोच में गिरावट आई है, जो बेहद चिंताजनक है।
नेताओं और व्यवस्था पर साधा निशाना
पप्पू यादव ने सत्ताधारी और विपक्ष दोनों पर सवाल उठाते हुए कहा कोई भी विधायक पीड़िता से मिलने नहीं पहुंचा, बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता की कमी, महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाएं उन्होंने यह भी कहा कि जब बेटियां कॉलेज, छात्रावास और गांव कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह समाज और व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है।
वायरल वीडियो और पुलिस की कार्रवाई
इस घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। यह घटना नूरसराय क्षेत्र में कुछ दिन पहले हुई बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई:
अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी, अन्य आरोपियों की तलाश जारी, संवेदनशील वीडियो शेयर न करने की अपील पुलिस ने चेतावनी दी है कि आपत्तिजनक सामग्री शेयर करने वालों पर आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर भगदड़ पर भी उठाए सवाल
नालंदा के शीतला मंदिर में हुई भगदड़ को लेकर भी पप्पू यादव ने चिंता जताई।
उन्होंने कहा देशभर में ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, मंदिर प्रबंधन की लापरवाही और अव्यवस्था जिम्मेदार, “जल्दी दर्शन” की व्यवस्था से भगदड़ की स्थिति बनती है
निष्कर्ष
नालंदा की यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज की मानसिकता पर भी गंभीर चिंता जताती है, जहां एक ओर पुलिस कार्रवाई कर रही है, वहीं राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मामले को और गरमा रही हैं, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाना और समाज में जागरूकता बढ़ाना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।






