उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही की पोल खोल दी। सदर कोतवाली क्षेत्र के तहसील रोड पर नगर पालिका कार्यालय के पास बन रहे एक कॉम्प्लेक्स में अचानक दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माण कार्य चल ही रहा था कि अचानक दीवार भरभराकर गिर पड़ी और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के तुरंत बाद ठेकेदार मौके से फरार हो गया, जबकि प्रशासन और पुलिस की टीम काफी देर बाद घटनास्थल पर पहुंची। इस देरी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन पहुंचता, तो शायद नुकसान को कम किया जा सकता था।

हादसे की सूचना मिलते ही विधायक शलभ मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। विधायक ने कहा कि “तहसील रोड पर निर्माण कार्य के दौरान हुई यह घटना बेहद दुखद है। मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया गया है और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। घायलों के समुचित इलाज की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।”
फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया की जा रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ रही है।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर कब तक निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती रहेगी और इसकी कीमत गरीब मजदूरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।






