“राम जी का पेड़ा – आस्था, स्वाद और एकता का संगम”
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से शुरू हुआ “राम जी का पेड़ा” आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी खास पहचान बना चुका है, मुस्लिम महिलाओं के हाथों से तैयार यह पेड़ा न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी है, शुद्ध दूध, देशी घी और गुड़ से पारंपरिक तरीके से लकड़ी के चूल्हों पर तैयार किया गया यह पेड़ा अपने सोंधेपन और प्राकृतिक मिठास के लिए जाना जाता है, “राम जी का पेड़ा” एक अनोखी पहल है, जिसकी शुरुआत बस्ती के युवा उद्यमी मनीष मिश्रा ने की उनका उद्देश्य था बेरोज़गार और जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, आज इस पहल से 500 से अधिक महिलाएं, जिनमें बड़ी संख्या मुस्लिम महिलाओं की है, जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं अपने हुनर से न सिर्फ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं बल्कि देश-विदेश में भारतीय परंपरा का स्वाद भी पहुँचा रही हैं।
हमारी खासियत (Our Speciality)
- पूरी तरह प्राकृतिक – गुड़ से बना, बिना रिफाइंड शुगर
- देसी तरीका – लकड़ी के चूल्हे पर पारंपरिक पकाने की विधि
- शुद्ध सामग्री – दूध और देशी घी का उपयोग
- ग्लोबल डिमांड – भारत के साथ रूस और यूरोप में भी लोकप्रिय
- आस्था से जुड़ा – अयोध्या में भोग लगाने के बाद सप्लाई
बनाने की प्रक्रिया (Our Process)
- महिलाओं को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है
- शुद्ध दूध, घी और गुड़ से मिश्रण तैयार किया जाता है
- लकड़ी के चूल्हों पर धीमी आंच में पकाया जाता है
- पेड़ों में प्राकृतिक सोंधी खुशबू विकसित होती है
- तैयार पेड़ों को मटकों में पैक किया जाता है
- अयोध्या में भगवान राम को भोग लगाया जाता है
- इसके बाद देश और विदेशों में सप्लाई की जाती है
हमारा प्रभाव (Our Impact)
- 500+ महिलाओं को रोजगार
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा
- महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
- धार्मिक सद्भाव और एकता की मिसाल ऑर्डर और सप्लाई (Orders & Delivery)
ऑर्डर मिलने के बाद महिलाएं तुरंत काम शुरू करती हैं और सिर्फ 2 दिनों में कई किलो पेड़ा तैयार कर दिया जाता है, हम भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सप्लाई करते हैं।
समापन (Closing Statement)
“राम जी का पेड़ा” सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि मेहनत, परंपरा, आस्था और एकता की कहानी है — जो हर बाइट के साथ दिल को छू जाती है।






