पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले से बुधवार देर शाम एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, यह हमला मध्यमग्राम इलाके के डोहरिया मोड़ के पास उस समय हुआ, जब चंद्रनाथ रथ अपनी गाड़ी में सवार होकर घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि वह अपने घर के बेहद करीब पहुंच चुके थे, तभी बाइक पर आए बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने बिना किसी बहस या चेतावनी के ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
Also read- ATS का बड़ा ऑपरेशन,पाकिस्तान मॉड्यूल से जुड़े दो संदिग्ध गिरफ्तार
बताया जा रहा है कि बदमाशों ने एक के बाद एक तीन राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली सीधे चंद्रनाथ रथ के सीने में लगी। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गाड़ी में ही गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हमले में उनके साथ मौजूद एक सुरक्षा गार्ड भी घायल हो गया। वहीं गाड़ी में मौजूद एक अन्य व्यक्ति को भी चोटें आई हैं, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
चंद्रनाथ रथ पिछले करीब पांच वर्षों से शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे और उन्हें उनका बेहद भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के दौरान भी वह प्रचार अभियान और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। यही वजह है कि इस हत्या को सिर्फ आपराधिक घटना नहीं, बल्कि राजनीतिक एंगल से भी देखा जा रहा है।
घटना के बाद भाजपा नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल और बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच इस तरह की घटना राज्य की राजनीति को और गरमा सकती है।
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर दी है और फरार हमलावरों की तलाश जारी है। शुरुआती जांच में पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि अब तक हमले के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन राजनीतिक दुश्मनी समेत सभी संभावित कारणों को जांच के दायरे में रखा गया है।
इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है।






