जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र में एक युवक के साथ मारपीट, अपहरण और लूट की गंभीर घटना सामने आई है। पीड़ित युवक ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित रितिक कुमार पुत्र राजेन्द्र सिंह, निवासी ग्राम चकजगदेवपुर, कोतवाली उरई ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 5 मई 2026 को शाम करीब 4 बजे वह अपने भाई सोनू के साथ चुर्खी बाईपास चौराहे पर सब्जी लेने गया था। इसी दौरान गांव अटरिया निवासी गोलू बाल्मीकि अपने 6-7 साथियों के साथ मोटरसाइकिलों से वहां पहुंचा। आरोप है कि गोलू ने पीछे से रितिक को लात मारकर गिरा दिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने जबरन उसे मोटरसाइकिल पर बैठाया और चुर्खी बाईपास के आगे मरघट के पास ले गए। वहां गोलू बाल्मीकि, प्रदुम और उनके साथियों ने लोहे की रॉड, हॉकी और ईंट से हमला कर दिया। इस हमले में रितिक के सिर, कंधे और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान उसके सिर से काफी खून बहने लगा।
रितिक ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर उसका भाई सोनू और कुछ राहगीर मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार होने लगे। आरोप है कि जाते समय आरोपी पीड़ित का मोबाइल फोन भी छीन ले गए। पीड़ित ने आगे बताया कि भागते समय गोलू बाल्मीकि को उसके भाई और राहगीरों की मदद से पकड़ लिया गया था और पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने घायल युवक का मेडिकल परीक्षण भी कराया, लेकिन इसके बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि बाद में पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया।
पीड़ित का कहना है कि वह पिछले दो दिनों से लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामले में अब पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।






