आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर महंगाई और आर्थिक बोझ बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही जनता को राहत देने के दावे भी खत्म हो गए। संजय सिंह ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि चुनाव तक सरकार जनता को भरोसा दिलाती रही कि देश में किसी चीज की कमी नहीं है, लेकिन वोटिंग खत्म होते ही लोगों को गैस, तेल और सोने का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी जाने लगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट को “देशभक्ति” से जोड़कर जनता पर मानसिक दबाव बना रही है, जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं के ऐशोआराम और भव्य कार्यक्रमों में किसी तरह की कोई कटौती नहीं की जा रही।
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि यह साफ होता है कि चुनाव तक सरकार जनता को राहत देने का दिखावा करती रही, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता पर आर्थिक बोझ डालना शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब लोगों से पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने, गैस कम खर्च करने और यहां तक कि सोना न खरीदने की अपील की जा रही है। आप सांसद ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर के दामों में भारी वृद्धि कर दी। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर छोटे दुकानदारों, चाय विक्रेताओं, रेहड़ी-पटरी वालों और मजदूर वर्ग पर पड़ेगा। साथ ही छोटे सिलेंडरों की कीमत बढ़ने से गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
संजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार जनता को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि महंगाई में जीना ही देशभक्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ आम लोगों से कटौती करने को कहा जा रहा है, जबकि दूसरी ओर भाजपा के रोड शो, रैलियां और बड़े राजनीतिक आयोजन लगातार जारी हैं, जिनमें संसाधनों का खुलकर इस्तेमाल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेशी यात्राएं और भव्य कार्यक्रम लगातार जारी हैं, लेकिन आम जनता को अपनी जरूरतों में कटौती करने की सलाह दी जा रही है। संजय सिंह ने इसे सरकार का “दोहरा चरित्र” बताते हुए कहा कि जनता को केवल वोट की मशीन समझा जा रहा है।






