छात्रों के हंगामे के दौरान अफसरों के बुलावे पर भी मौके पर नहीं पहुंचे पुलिसकर्मी
लखनऊ। राजधानी के संवेदनशील माने जाने वाले बीबीडी थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की लापरवाही और अनुशासनहीनता का बड़ा मामला सामने आया है। बीती रात बीबीडी यूनिवर्सिटी क्षेत्र में मेस के खाने को लेकर छात्रों के बीच विवाद बढ़ने के बाद सड़क जाम और उग्र प्रदर्शन की स्थिति बन गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एडीसीपी, एसीपी, कई थाना प्रभारी और पीएसी बल पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने में जुट गए। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद स्थिति पर काबू पाया गया।
अफसरों के निर्देश के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचे पुलिसकर्मी

घटना के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बीबीडी थाने में तैनात 25 से अधिक दरोगा, दीवान और सिपाही अफसरों के लगातार फोन कॉल और ग्रुप मैसेज के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचे।
अधिकारियों ने रात करीब डेढ़ बजे थाने पहुंचकर अनुपस्थित पुलिसकर्मियों की जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि इनमें से कई पुलिसकर्मी न तो अवकाश पर थे और न ही किसी बाहरी ड्यूटी पर तैनात थे।
रोजनामचे में दर्ज हुई रिपोर्ट

छात्रों के विवाद के शांत होने के बाद रात करीब ढाई बजे बीबीडी थाने की जनरल डायरी (GD) में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। इनकी रिपोर्ट आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
संवेदनशील क्षेत्र में लापरवाही पर उठे सवाल
बीबीडी थाना लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर स्थित है और इसके अंतर्गत बीबीडी यूनिवर्सिटी समेत कई इंजीनियरिंग, फार्मेसी, लॉ और इंटर कॉलेज आते हैं, जहां हजारों छात्र हॉस्टल, पीजी और किराए के कमरों में रहते हैं।
इस क्षेत्र में आए दिन छात्रों के बीच विवाद, मारपीट और गंभीर घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में संवेदनशील थाने के पुलिसकर्मियों की लापरवाही ने राजधानी पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उच्चाधिकारियों की नजर मामले पर
सूत्रों के मुताबिक पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।






