बिहार में हर साल जून महीने में विभिन्न सरकारी विभागों में ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू होती है हालांकि, बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर हर बार विवाद सामने आते रहे हैं, इस विभाग पर लंबे समय से ट्रांसफर-पोस्टिंग में घूसखोरी और पैसों के लेनदेन के आरोप लगते रहे हैं, कई मौकों पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इस विभाग की ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रक्रिया पर रोक लगानी पड़ी थी।
इसी बीच इस साल ट्रांसफर-पोस्टिंग शुरू होने से पहले बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा बयान दिया है, मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि अगर मंत्रालय भ्रष्टाचार मुक्त होगा, तभी विभाग भी ईमानदारी से काम करेगा।
“मंत्री ईमानदार रहेगा तभी विभाग ईमानदारी से काम करेगा”
शनिवार (16 मई) को मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि उन्होंने विभाग के अधिकारियों और पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सबसे पहले राजस्व मंत्री को खुद ईमानदार होना होगा, उनका कहना था कि जब मंत्री ईमानदारी से काम करेगा, तभी पूरा विभाग भी पारदर्शिता के साथ काम कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि ट्रांसफर-पोस्टिंग और मंत्रालय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सरकार पूरी तरह सख्त है और किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
जमीन मापी के 48 हजार मामले लंबित
मंत्री ने बताया कि विभाग में हड़ताल की वजह से जमीन मापी के करीब 48 हजार मामले लंबित पड़े हुए हैं, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जमीन मापी में देरी से लोगों के बीच विवाद और अपराध बढ़ने की आशंका रहती है, इसलिए विशेष अभियान चलाकर इन मामलों का जल्द निपटारा किया जाए।
इसके अलावा परिमार्जन के लाखों आवेदन और करीब 6 लाख 60 हजार जमाबंदी के मामले भी अभी लंबित हैं, विभाग ने इन सभी मामलों के निपटारे के लिए 30 जून तक की समय सीमा तय की है।
भू-अभिलेख की ऑनलाइन सुविधा पर जोर
राजस्व मंत्री ने विभाग में डिजिटलीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की उन्होंने बताया कि अब तक राज्य के लगभग 33 करोड़ पन्नों को स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड किया जा चुका है, इसके जरिए आम लोगों को भू-अभिलेख की नकल ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है और अब तक 15 लाख से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल चुका है।
हालांकि, राज्य के करीब 8 हजार गांवों का कैडेस्ट्रल खतियान अब भी गायब है। मंत्री ने कहा कि सरकार विज्ञापन के माध्यम से लोगों से सहयोग मांगेगी, अगर किसी व्यक्ति के पास संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो वे सरकार को सौंप सकते हैं।
भू-लगान दरों की समीक्षा के निर्देश
मंत्री दिलीप जायसवाल ने यह भी बताया कि विभाग ने भू-लगान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की है, अधिकारियों को भू-लगान की दरों में संभावित वृद्धि को लेकर विचार-विमर्श करने के निर्देश दिए गए हैं, अब देखने वाली बात होगी कि इस बार सरकार भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग विवादों पर कितनी प्रभावी रोक लगा पाती है।




