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बिहार में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत, मुजफ्फरपुर और किशनगंज में लगेंगे डालमिया-अंबुजा सीमेंट प्लांट

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बिहार को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, बिहार राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, इस बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि देश की प्रमुख सीमेंट कंपनियों डालमिया भारत समूह और अंबुजा सीमेंट को बिहार में अपनी निर्माण इकाइयां स्थापित करने की अंतिम स्वीकृति मिलना रही।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस ऐतिहासिक फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि बिहार अब औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है, उन्होंने इसे “बदलते बिहार” का प्रतीक बताया और कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है।

मुजफ्फरपुर और किशनगंज बनेंगे नए औद्योगिक केंद्र

SIPB की बैठक में लिए गए फैसलों के मुताबिक, उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर और सीमांचल के किशनगंज जिले में अत्याधुनिक सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट्स स्थापित की जाएंगी, उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के तहत आधुनिक लॉजिस्टिक्स और उत्पादन सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

इन दोनों जिलों में बड़े औद्योगिक निवेश आने से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि उत्तर बिहार और सीमांचल में औद्योगिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी, सरकार ने संबंधित विभागों को भूमि आवंटन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

20 औद्योगिक परियोजनाओं को मिली मंजूरी

इस उच्च स्तरीय बैठक में केवल सीमेंट क्षेत्र ही नहीं, बल्कि कुल 20 महत्वपूर्ण निवेश प्रस्तावों को भी आगे बढ़ाया गया है, इनमें 16 नए निवेश प्रस्तावों को स्टेज-1 क्लीयरेंस दी गई है, जबकि 4 बड़ी परियोजनाओं को अंतिम वित्तीय मंजूरी प्रदान की गई है।

इन परियोजनाओं के लागू होने के बाद राज्य में करोड़ों रुपये का प्रत्यक्ष निवेश आएगा, जिससे उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

इन औद्योगिक परियोजनाओं का सबसे बड़ा लाभ सीमांचल और उत्तर बिहार के युवाओं को मिलने की उम्मीद है, अब तक रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करने वाले युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे, विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। इससे स्थानीय व्यापार, परिवहन, निर्माण और सेवा क्षेत्रों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

‘विकसित बिहार, समृद्ध बिहार’ की ओर बड़ा कदम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अब तेजी से बदल रहा है और राज्य सरकार उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रही है, मजबूत कानून व्यवस्था, बेहतर बुनियादी ढांचा और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण अब देश के बड़े कॉर्पोरेट घराने बिहार में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की सूची में शामिल करना है, “विकसित बिहार, समृद्ध बिहार” के विजन के साथ सरकार लगातार बड़े निवेश आकर्षित करने की दिशा में काम कर रही है।

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