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हंता वायरस को लेकर बढ़ी चिंता! क्या ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म से भी फैल सकता है संक्रमण?

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दुनियाभर में हंता वायरस को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह वायरस ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म के जरिए भी फैल सकता है। इन खबरों के बाद खासकर छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और परिवारों में डर का माहौल बन गया है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसे मामले बेहद दुर्लभ माने जा रहे हैं और अभी तक इस संबंध में ठोस वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आए हैं।

दरअसल, इस चर्चा की शुरुआत साल 2023 में प्रकाशित एक रिसर्च स्टडी के बाद हुई। जर्नल Viruses में छपी इस स्टडी में वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि एंडीज स्ट्रेन नामक हंता वायरस का वायरल आरएनए इंसानी स्पर्म में रिकवरी के काफी समय बाद तक मौजूद रह सकता है। स्विट्जरलैंड की स्पीएज लैबोरेटरी के शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में पाया कि यह वायरस पुरुष प्रजनन तंत्र में लंबे समय तक टिक सकता है, ठीक वैसे ही जैसे इबोला और जीका वायरस के कुछ मामलों में देखा गया है।हालांकि वैज्ञानिकों ने यह भी साफ किया कि रिसर्च में सिर्फ वायरल आरएनए पाया गया था, जिंदा वायरस नहीं। यानी अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि रिकवरी के बाद भी व्यक्ति दूसरों को संक्रमित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी टेस्ट में वायरल मटेरियल का मिलना हमेशा संक्रमण फैलाने की क्षमता साबित नहीं करता।

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की रिसर्च सेल से जुड़े डॉक्टर राजीव जयदेवन ने एक इंटरव्यू में बताया कि कई वायरस ऐसे होते हैं जिनका आरएनए शरीर के कुछ हिस्सों में लंबे समय तक पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि टेस्टिस शरीर का ऐसा हिस्सा है जो इम्यून सिस्टम से काफी हद तक सुरक्षित रहता है, इसलिए कुछ वायरस वहां लंबे समय तक बने रह सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि व्यक्ति अब भी संक्रमण फैलाने में सक्षम है।

ब्रेस्ट मिल्क को लेकर भी एक स्टडी ने चिंता बढ़ाई थी। Emerging Infectious Diseases जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, चिली की एक संक्रमित महिला के ब्रेस्ट मिल्क में एंडीज वायरस के जीनोम और प्रोटीन पाए गए थे। इसके बाद यह आशंका जताई गई कि मां से बच्चे में संक्रमण पहुंच सकता है।

हालांकि विशेषज्ञ इस खतरे को बेहद सीमित मानते हैं। एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉक्टर अमिताव बनर्जी के मुताबिक, ब्रेस्ट मिल्क के जरिए हंता वायरस फैलने के मामले बेहद दुर्लभ हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी के शुरुआती तेज बुखार वाले चरण में कुछ समय के लिए स्तनपान रोकने की सलाह दी जा सकती है, लेकिन केवल डर की वजह से हमेशा के लिए ब्रेस्टफीडिंग बंद करना सही नहीं है।

विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि हंता वायरस और एचआईवी में बड़ा अंतर है। एचआईवी लंबे समय तक शरीर के फ्लूइड्स में सक्रिय रह सकता है, जबकि हंता वायरस आमतौर पर रिकवरी के बाद शरीर से समाप्त हो जाता है।

फिलहाल वैज्ञानिकों और डॉक्टरों का मानना है कि हंता वायरस के सेक्शुअल ट्रांसमिशन या ब्रेस्ट मिल्क के जरिए व्यापक संक्रमण फैलने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। इसलिए लोगों को अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह और वैज्ञानिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।

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