शिक्षा मंत्री के आवास पहुंचने के लिए छाती के बल रेंगते दिखे अभ्यर्थी
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सरकार पर मजबूत पैरवी न करने का आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले को लेकर एक बार फिर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन तेज हो गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी राजधानी लखनऊ में सड़कों पर उतर आए और शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थी भीषण गर्मी में छाती के बल सड़क पर रेंगते हुए मंत्री आवास तक पहुंचे। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार यदि सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पैरवी करे तो लंबे समय से लंबित यह मामला जल्द सुलझ सकता है।
सरकार पर मजबूत पैरवी न करने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उनका कहना है कि 19 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी को लेकर कोई स्पष्ट तैयारी नजर नहीं आ रही।
अभ्यर्थियों ने कहा कि यह उनका 31वां प्रदर्शन है और वर्ष 2018 से लगातार न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप
आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का सही पालन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत की जगह केवल 3.68 प्रतिशत और एससी वर्ग को 21 प्रतिशत की जगह 16.2 प्रतिशत आरक्षण दिया गया।
इसी को लेकर अभ्यर्थी लगातार नई मेरिट सूची जारी करने और न्यायसंगत भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
क्या है 69 हजार शिक्षक भर्ती मामला?
उत्तर प्रदेश का 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले की सुनवाई 19 मई 2026 को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा रखी है, जिसमें पूरी मेरिट लिस्ट रद्द कर तीन महीने के भीतर नई सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया था।
पुलिस ने संभाली स्थिति
प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने और स्थिति सामान्य बनाए रखने की कोशिश की।
फिलहाल अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।






