NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विवाद और दोबारा परीक्षा कराए जाने की संभावनाओं के बीच बिहार सरकार ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी है, राज्य सरकार ने परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिससे उन्हें यात्रा संबंधी परेशानी से राहत मिलेगी।
सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा का ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि NEET परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की सरकारी बसों में पूरी तरह मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी, इस फैसले के तहत छात्र अपने परीक्षा केंद्र तक बिना किसी किराये के पहुंच सकेंगे, मुख्यमंत्री ने इस संबंध में शनिवार को अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर जानकारी साझा की उन्होंने कहा कि यह कदम छात्रों की सुविधा और उनकी परीक्षा यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मठ-मंदिरों और NGOs से भी मदद की अपील
सरकार ने सिर्फ परिवहन सुविधा तक ही सीमित न रहते हुए व्यापक अपील भी की है, मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, मठ-मंदिरों और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों से आग्रह किया है कि वे परीक्षा केंद्रों के आसपास सहयोग करें, उन्होंने कहा कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए, ताकि भीषण गर्मी में किसी को परेशानी न हो, मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
पेपर लीक विवाद पर जारी सियासत
वहीं दूसरी ओर NEET पेपर लीक मामले पर राजनीतिक घमासान लगातार जारी है, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेता केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं उधर, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि मामले की जांच जारी है, उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार दोबारा परीक्षा कराने पर विचार कर रही है, राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बयान देने की आदत है और उनकी बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है, NEET विवाद के बीच यह देखना अहम होगा कि छात्रों को आगे और क्या राहत मिलती है और परीक्षा प्रणाली में क्या बड़े बदलाव किए जाते हैं।






