सुबह से लेकर देर रात तक सूरज जैसे आग उगल रहा है। घर से बाहर निकलते ही चेहरा झुलस रहा है, सड़कें तवे की तरह तप रही हैं और लोगों का हाल बेहाल है।
उत्तर भारत इस वक्त भीषण गर्मी की गिरफ्त में है और सवाल सिर्फ एक आखिर इस तपिश से राहत कब मिलेगी?
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है। कई शहरों में पारा 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। मौसम इतना खतरनाक हो गया है कि दोपहर के वक्त सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं। लोग जरूरी काम के बिना घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। गर्म हवाएं यानी लू लोगों को बीमार कर रही हैं और अस्पतालों में भी Heat Stroke के मरीज बढ़ने लगे हैं। लेकिन अब इस झुलसाती गर्मी के बीच राहत की एक खबर सामने आई है।
मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि 23 से 24 मई तक मॉनसून अंडमान-निकोबार पहुंच सकता है और इसके बाद 26 मई के आसपास केरल में दस्तक देने की संभावना है। अगर मॉनसून की रफ्तार ऐसी ही बनी रही तो 22 जून के आसपास उत्तर भारत में भी बारिश की एंट्री हो सकती है। यानि अभी लोगों को कुछ दिन और इस आग उगलती गर्मी का सामना करना पड़ेगा, लेकिन उसके बाद बारिश राहत बनकर आ सकती है।
हालांकि मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले कुछ दिनों तक Heatwave का खतरा बना रहेगा। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना बेहद मुश्किल और खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों ने भी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, धूप में निकलते वक्त सिर ढकने, बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की अपील की गई है। अब सबकी नजरें आसमान पर टिकी हैं लोग बस इंतजार कर रहे हैं उस पहली बारिश का, जो इस भीषण गर्मी से राहत लेकर आएगी।






