देश में बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। सोमवार को एक बार फिर ईंधन के दाम बढ़ने के बाद पटना में पेट्रोल की कीमत 113.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.39 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है, जिसने आम लोगों के घरेलू बजट पर सीधा असर डाला है।
जैसे ही कीमतों में इजाफे की खबर सामने आई, राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई। विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरते हुए इसे जनता पर बोझ बताया, तो वहीं सत्तापक्ष ने इसके पीछे वैश्विक परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया।
पप्पू यादव का तीखा हमला
सांसद पप्पू यादव ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसा। उन्होंने लिखा कि “लगभग तीन रुपये डीजल-पेट्रोल का दाम फिर बढ़ाया गया है। बंगाल चुनाव के बाद अब तक करीब आठ रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ चुके हैं। यह तो अभी शुरुआत है, मेलोनी को मेलोडी बांटेंगे और देश के साथ ट्रेजेडी कर जनता की जेब काटेंगे। जनता जिमखाना क्लब बंद होने पर ताली पीटेगी! आ गए न अच्छे दिन,” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है।
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जेडीयू ने दी सफाई और सहयोग की अपील
वहीं जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने बढ़ती कीमतों को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ने के पीछे सिर्फ राजनीतिक कारण नहीं, बल्कि वैश्विक परिस्थितियां भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि भारत पेट्रोलियम आयात पर निर्भर है और पश्चिम एशिया में जारी संकट के चलते कीमतों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सभी पक्षों से आरोप-प्रत्यारोप से बचने और सहयोग का वातावरण बनाने की अपील की।
आरजेडी का केंद्र सरकार पर हमला
आरजेडी ने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए बढ़ती महंगाई के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के कारण गरीबों की थाली तक प्रभावित हो रही है और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
बढ़ती महंगाई पर सियासी टकराव जारी
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने जहां आम जनता की चिंता बढ़ा दी है, वहीं राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार इस बढ़ती महंगाई पर क्या कदम उठाती है और विपक्ष इसे कितना बड़ा मुद्दा बनाता है।






