तमिलनाडु की राजनीति में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। डीएमके नेता और तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Udhayanidhi Stalin ने मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में उदयनिधि ने राज्य में बढ़ते अपराधों को लेकर सरकार को घेरा और सवाल किया कि “क्या यह तमिलनाडु है या उत्तर प्रदेश?”
उदयनिधि स्टालिन ने अपने पोस्ट में दावा किया कि पिछले 15 दिनों के भीतर राज्य में 25 हत्याएं, 4 डबल मर्डर और 19 यौन अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ वे मामले हैं जो मीडिया की सुर्खियों में आए हैं। उनके मुताबिक, चुनाव से पहले बदलाव और बेहतर प्रशासन का वादा करने वाली सरकार अब बढ़ते अपराधों पर चुप्पी साधे हुए है।
डीएमके नेता ने खास तौर पर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कोयंबटूर के सुलूर इलाके में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुई कथित दरिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य अब गंभीर सुरक्षा संकट का सामना कर रहा है। उदयनिधि ने आरोप लगाया कि इस मामले में पीड़िता की मां के शव का अंतिम संस्कार भी जल्दबाजी में कर दिया गया, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
Also Read- ओवैसी-कबीर की राहें जुदा, ममता को मिला मौका? बंगाल में ‘M फैक्टर’ का नया खेल! फंस गई बीजेपी
उन्होंने विल्लुपुरम जिले में एक अन्य लड़की के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न का भी जिक्र किया और कहा कि लगातार सामने आ रही घटनाएं राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को उजागर कर रही हैं। इसके अलावा मदुरै के प्रसिद्ध Meenakshi Amman Temple के पास एक बच्चे की हत्या का मामला भी उन्होंने उठाया।
उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि कोयंबटूर में एक युवती के घर पर पेट्रोल बम फेंके जाने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। वहीं मुख्यमंत्री विजय के चुनावी क्षेत्र पेरंबूर में कथित तौर पर नशे में धुत युवकों के एक समूह ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की और इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की।
उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता अब अपराध की घटनाओं पर बोलने से बच रहे हैं। उदयनिधि ने सवाल किया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेष व्यवस्थाएं और “शॉक फोर्स” आखिर कहां गायब हो गई हैं।
डीएमके नेता ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की चिंताओं का जवाब देने के बजाय सिर्फ बैठकों और प्रशासनिक दिखावे तक सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता अब सीधे जवाब चाहती है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठाने जा रही है।
उदयनिधि स्टालिन के इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेर रहा है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






