बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा में कथित कटौती को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर लालू यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सिंगापुर से नियमित स्वास्थ्य जांच कर लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में लालू यादव ने सुरक्षा में कटौती और सरकारी आवास खाली करने के नोटिस से जुड़े सवालों पर कहा, “ये सब पागल हो गए हैं। यह घृणा की राजनीति है। हम इसकी कोई परवाह नहीं करते। जो करना है, वो करें।”
मीसा भारती ने भी सरकार पर साधा निशाना
इस दौरान लालू यादव के साथ मौजूद आरजेडी सांसद और उनकी बेटी मीसा भारती ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि परिवार निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकारी आवास खाली कर देगा।
मीसा भारती ने सुरक्षा में कटौती पर तंज कसते हुए कहा कि शायद बिहार सरकार को उनके सुरक्षाकर्मियों की अधिक आवश्यकता महसूस हुई होगी, इसलिए सुरक्षा वापस ले ली गई। उन्होंने कहा, “हमें सुरक्षा की जरूरत नहीं है। लालू यादव और राबड़ी देवी बिहार की जनता के दिलों में बसते हैं। जनता ही उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।”
सुरक्षाकर्मी लौटाने की कही बात
मीसा भारती ने यह भी कहा कि उन्हें उपलब्ध कराए गए तीन सुरक्षाकर्मियों को भी वह वापस करने जा रही हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर विपक्षी नेताओं के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों और युवाओं को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की ओर से अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई जाती, जबकि विपक्षी नेताओं की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े मामलों में तेजी दिखाई जाती है।
सियासी बयानबाजी हुई तेज
लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। आरजेडी इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कदम बता रही है, जबकि सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है, क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं।






