बिहार की राजनीति में इन दिनों भोजपुरी स्टार और भाजपा नेता पवन सिंह को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है, बिहार विधान परिषद (एमएलसी) की 10 सीटों पर हुए चुनाव में सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां भाजपा के टिकट पर एमएलसी बने पवन सिंह बटोर रहे हैं, अब राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या एमएलसी बनने के बाद पवन सिंह को सम्राट चौधरी सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी मिल सकती है?
दीपक प्रकाश को लेकर बढ़ी अटकलें
दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हाल ही में मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति बिना किसी सदन का सदस्य बने अधिकतम 6 महीने तक मंत्री रह सकता है, उनके इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि तय समय सीमा पूरी होने पर दीपक प्रकाश को पद छोड़ना पड़ सकता है, यही वजह है कि अब राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर मंत्रिमंडल में कोई जगह खाली होती है तो क्या भाजपा पवन सिंह को मौका दे सकती है।
भाजपा से रिश्तों में आया नया मोड़
पवन सिंह का राजनीतिक सफर पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा, इसके बाद उन्होंने बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़कर सभी को चौंका दिया था, हालांकि चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उनके मैदान में उतरने से एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा को नुकसान हुआ था, इसके चलते भाजपा और पवन सिंह के रिश्तों में खटास की चर्चा भी हुई थी, अब एमएलसी बनाकर पार्टी ने उनके साथ राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश की है।
चुनाव प्रचार में निभाई थी अहम भूमिका
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पवन सिंह ने एनडीए के पक्ष में जोरदार प्रचार किया था, उनका चुनावी गीत “जोड़ी मोदी आ नीतीश जी के हिट होई” काफी लोकप्रिय हुआ था और सोशल मीडिया से लेकर चुनावी सभाओं तक खूब सुनाई दिया था, एनडीए की बड़ी जीत के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने भी माना कि पवन सिंह की लोकप्रियता ने चुनावी माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
राज्यसभा का मौका भी नहीं मिला
हाल ही में बिहार से राज्यसभा की सीटों के चुनाव के दौरान भी पवन सिंह का नाम चर्चा में था, लेकिन पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया, इसके बाद जब विधान परिषद की सीटों के लिए उम्मीदवारों का चयन हुआ तो भाजपा ने उन्हें एमएलसी बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।
क्या मंत्री बन पाएंगे पवन सिंह?
हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फिलहाल पवन सिंह के मंत्री बनने की संभावना बहुत ज्यादा नहीं है, सम्राट चौधरी सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा के लगभग सभी निर्धारित मंत्री पद भर चुके हैं, इसके अलावा अगर दीपक प्रकाश को पद छोड़ना भी पड़ता है, तो उनकी पार्टी के अन्य विधायकों को प्राथमिकता मिल सकती है, ऐसे में पवन सिंह को तत्काल मंत्री बनाए जाने की संभावना सीमित नजर आती है।
फिर भी भाजपा द्वारा एमएलसी बनाए जाने के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहती, आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में पवन सिंह की भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं, अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा उन्हें संगठन और सरकार में आगे कौन सी नई जिम्मेदारी देती है।






