Home Bihar पटना कोचिंग विवाद में खान सर को राहत, अग्रिम जमानत बरकरार

पटना कोचिंग विवाद में खान सर को राहत, अग्रिम जमानत बरकरार

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बिहार की राजधानी पटना से जुड़े चर्चित कोचिंग विवाद मामले में शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर को अदालत से बड़ी राहत मिली है, गुरुवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान सिविल कोर्ट ने फिलहाल गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगले आदेश तक जारी रखने का फैसला सुनाया, कोर्ट ने पाया कि पुलिस की ओर से प्रस्तुत की गई अपडेटेड केस डायरी अधूरी है, ऐसे में अदालत ने पुलिस को पूरी और अद्यतन केस डायरी के साथ जांच से जुड़े अन्य आवश्यक दस्तावेज भी पेश करने का निर्देश दिया है।

अगली सुनवाई 27 जून को

मामले की अगली सुनवाई अब 27 जून को होगी। तब तक कोर्ट ने फैसल खान के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक बनाए रखने का आदेश दिया है, अदालत के इस फैसले को खान सर के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है।

गार्ड्स को नहीं मिली राहत

वहीं, इस मामले में फैसल खान के दोनों सुरक्षा कर्मियों की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। हालांकि अदालत ने फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं दी है। उनकी याचिका पर भी अब अगली सुनवाई 27 जून को होगी।

ज्ञान बिंदु एकेडमी के दो कर्मचारियों को मिली जमानत

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मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के दो कर्मचारियों अभिषेक और गौरव को अदालत से जमानत मिल गई है, अधिवक्ता राघव कुमार के अनुसार दोनों कर्मचारियों की रिहाई की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकती है।

रोशन आनंद ने फिर लगाए गंभीर आरोप

इस बीच ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रोशन आनंद ने एक बार फिर फैसल खान पर गंभीर आरोप लगाए हैं, सहरसा में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने भाई की मौत के मामले में खान सर और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद को जिम्मेदार ठहराया, रोशन आनंद का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और विसरा रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और साफ हो सकेगी। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार को विश्वास है कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।

जांच और कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर

पटना कोचिंग विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है, अदालत की अगली सुनवाई और पुलिस जांच की प्रगति पर अब सभी की नजरें टिकी हैं वहीं, विभिन्न पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच मामले की सच्चाई न्यायिक और जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।