अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा तामेश्वरनाथ धाम, बैजूनाथ धाम को भी मिलेगी नई पहचान
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है अयोध्या, काशी और विंध्याचल के बाद अब संत कबीर नगर स्थित तामेश्वरनाथ धाम को भी भव्य स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को जिले के दौरे के दौरान तामेश्वरनाथ धाम में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि उन्हें विकास और रोजगार के नए केंद्र के रूप में स्थापित करना भी है, इसी योजना के तहत बैजूनाथ धाम सहित क्षेत्र के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास पर भी काम किया जाएगा।
तामेश्वरनाथ धाम में बनेगा भव्य कॉरिडोर
संत कबीर नगर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह अयोध्या, काशी विश्वनाथ धाम और मां विंध्यवासिनी धाम का पुनर्विकास किया गया है, उसी मॉडल पर तामेश्वरनाथ धाम का भी व्यापक विकास किया जाएगा, उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कॉरिडोर से धाम को नई पहचान मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बैजूनाथ धाम का भी होगा विकास
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मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तामेश्वरनाथ धाम के साथ-साथ बाबा बैजूनाथ धाम और क्षेत्र के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास की भी योजना तैयार की जा रही है, उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आस्था का सम्मान नहीं, बल्कि उन पूर्वजों के प्रति श्रद्धांजलि भी है जिन्होंने इन धार्मिक धरोहरों की स्थापना की।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
तामेश्वरनाथ धाम में बनने वाले कॉरिडोर के तहत श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें बेहतर सड़क संपर्क, पार्किंग, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल होंगी, सरकार का लक्ष्य धाम को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल करना है, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
475 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे के दौरान संत कबीर नगर और गोरखपुर क्षेत्र के लिए 475 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 139 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया, इनमें धनघटा विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग 225 करोड़ रुपये और खजनी विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 251 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं शामिल हैं।
पूर्वांचल के विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनने के बाद क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है, बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, उन्होंने यह भी बताया कि रामसर सूची में शामिल बखिरा झील को इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, इसके साथ ही नए कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान और कौशल विकास केंद्र स्थापित कर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन से मिलेगा आर्थिक लाभ
सरकार का मानना है कि धार्मिक स्थलों के आधुनिक विकास से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि पर्यटन बढ़ने से होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, तामेश्वरनाथ धाम और बैजूनाथ धाम के विकास को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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