श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के भेंट और चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पहली एफआईआर दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में 8 नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह एफआईआर ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर अपराध संख्या 90/2026 के तहत दर्ज की गई है। नामजद आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्रीराम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। इनके अलावा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी अभियुक्त बनाया गया है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है, हालांकि देर रात तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
इस मामले की जांच कर रही एसआईटी, जिसकी अध्यक्षता लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं, ने मंगलवार को शासन को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में मामले में कठोर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के भेंट और चढ़ावे में कथित चोरी एवं अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि जांच में “दूध का दूध और पानी का पानी” होगा तथा दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।






