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वेनेजुएला भूकंप संकट में भारत का ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’, 35 टन राहत सामग्री और मेडिकल टीम रवाना

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नई दिल्ली: उत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाते हुए राहत अभियान ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ (Operation Amistad) शुरू किया है। इस मानवीय मिशन के तहत भारतीय वायुसेना के दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमान 41 सदस्यीय मेडिकल टीम, फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, अत्याधुनिक भीष्म क्यूब्स और करीब 35 टन राहत सामग्री लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हुए हैं।यह अभियान भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की नीति और वैश्विक मानवीय सहायता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण माना जा रहा है।

ऑपरेशन अमिस्ताद क्या है?

स्पेनिश भाषा में ‘अमिस्ताद’ का अर्थ ‘दोस्ती’ होता है। वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद वहां भारी तबाही मची है। इस संकट की घड़ी में भारत ने राहत एवं चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया है।विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां के नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा है।

41 सदस्यीय मेडिकल टीम और फील्ड हॉस्पिटल रवाना

भारतीय सेना के प्रसिद्ध 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल की 41 सदस्यीय विशेष मेडिकल टीम हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से वेनेजुएला के लिए रवाना हुई। इस टीम में 9 सैन्य चिकित्सा अधिकारी भी शामिल हैं।

यह टीम आपदा प्रभावित क्षेत्रों में—

  • आपातकालीन चिकित्सा सेवा
  • ट्रॉमा मैनेजमेंट
  • गंभीर घायलों का उपचार
  • जटिल सर्जरी
  • आपदा चिकित्सा प्रबंधन

जैसी सेवाएं देने में सक्षम है।

भीष्म क्यूब्स होंगे राहत अभियान की सबसे बड़ी ताकत

ऑपरेशन अमिस्ताद की सबसे बड़ी विशेषता भारत के ‘आरोग्य मैत्री प्रोजेक्ट’ के तहत विकसित दो अत्याधुनिक भीष्म क्यूब्स (BHISHM Cubes) हैं।

इनकी प्रमुख विशेषताएं—

  • कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाला मोबाइल फील्ड हॉस्पिटल
  • पोर्टेबल वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट
  • आधुनिक सर्जिकल उपकरणों से लैस
  • एक समय में लगभग 200 मरीजों का उपचार करने की क्षमता
  • आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सक्षम

भारत पहले भी निभा चुका है ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका

भारत इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय आपदाओं में सबसे पहले राहत पहुंचाने वाले देशों में शामिल रहा है।

प्रमुख मानवीय अभियान:

  • 2023: तुर्की और सीरिया भूकंप राहत अभियान
  • 2023: म्यांमार में चक्रवात ‘मोचा’ के बाद सहायता
  • 2015: नेपाल भूकंप के दौरान बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान
  • कोविड-19 महामारी: 100 से अधिक देशों को वैक्सीन और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई

इन अभियानों ने भारत की वैश्विक मानवीय नेतृत्व क्षमता को मजबूत किया है।

वेनेजुएला भूकंप में भारी तबाही

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप में—

  • 235 से अधिक लोगों की मौत
  • 4,300 से ज्यादा लोग घायल
  • हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त
  • राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी

बताया जा रहा है कि भारत से भेजी गई राहत सामग्री लगभग 14,300 किलोमीटर की दूरी तय कर वेनेजुएला पहुंचेगी।

भारत ने फिर दिया ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश

ऑपरेशन अमिस्ताद केवल राहत अभियान नहीं, बल्कि भारत की उस विदेश नीति का प्रतीक है जिसमें मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। संकट की घड़ी में वेनेजुएला की मदद के लिए आगे बढ़कर भारत ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि ‘दुनिया एक परिवार है’ और वैश्विक मानवीय सहयोग ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है।

रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी