Home International news सुरक्षित प्रवासन के लिए प्रतिबद्ध भारत, 26 देशों के साथ किए 28...

सुरक्षित प्रवासन के लिए प्रतिबद्ध भारत, 26 देशों के साथ किए 28 मोबिलिटी समझौते: डॉ. एस. जयशंकर

43
0

नई दिल्ली। भारत ने सुरक्षित, व्यवस्थित और कानूनी प्रवासन (Migration) को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित पहले ह्यूमन रिसोर्स मोबिलिटी पार्टनरशिप फोरम (Human Resource Mobility Partnership Forum) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर सुरक्षित और वैध प्रवासन प्रणाली विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि आज के दौर में कुशल पेशेवरों (Skilled Professionals) की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही वैश्विक व्यापार और निवेश की तरह ही आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है।

भारत ने 26 देशों के साथ किए 28 मोबिलिटी पार्टनरशिप समझौते

विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि भारत अब तक 26 देशों के साथ 28 Migration and Mobility Partnership Agreements (MMPA) अथवा उनके समकक्ष समझौतों पर हस्ताक्षर कर चुका है। इसके अलावा कई अन्य देशों के साथ भी इस दिशा में बातचीत अंतिम चरण में है।उन्होंने कहा कि भारत केवल अपने नागरिकों के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव संसाधन की सुरक्षित और व्यवस्थित वैश्विक आवाजाही को अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्वपूर्ण स्तंभ मानता है।

वैश्विक विकास में अहम होगी सुरक्षित मोबिलिटी

डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी कहा कि तेजी से एक-दूसरे से जुड़ती दुनिया में विश्वसनीय मोबिलिटी कॉरिडोर आर्थिक विकास, नवाचार (Innovation) और वैश्विक उत्पादकता (Global Productivity) को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।उन्होंने कहा कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रतिभाओं की सुरक्षित आवाजाही विकास की नई दिशा तय करेगी।

e-Migrate 2.0 से 50 लाख से अधिक प्रवासन मंजूरियां जारी

विदेश मंत्री ने प्रवासन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए भारत द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म e-Migrate 2.0 की भी सराहना की।उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से अब तक 50 लाख से अधिक प्रवासन मंजूरियां (Migration Clearances) जारी की जा चुकी हैं। यह प्रणाली विदेशों में रोजगार के इच्छुक भारतीयों को सुरक्षित और पारदर्शी प्रक्रिया उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अवैध प्रवासन और मानव तस्करी पर वैश्विक कार्रवाई की जरूरत

विदेश मंत्रालय के अनुसार डॉ. जयशंकर ने मानव तस्करी, अवैध प्रवासन और धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासन न केवल लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह वैध प्रवासन व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी कमजोर करता है। इसलिए सभी देशों को मिलकर इस चुनौती का समाधान करना होगा।

हेल्थकेयर और सिल्वर इकोनॉमी बनेगी भविष्य की जरूरत

अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने वैश्विक जनसांख्यिकीय बदलावों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में आबादी तेजी से वृद्ध हो रही है, जिससे आने वाले वर्षों में हेल्थकेयर, केयरगिविंग सेवाओं और सिल्वर इकोनॉमी (Silver Economy) की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।उन्होंने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में टेक्नोलॉजी सेक्टर जितना महत्वपूर्ण होगा, उतना ही बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ा सेवा क्षेत्र भी अहम भूमिका निभाएगा।

पांच देशों के साथ सहयोग होगा और मजबूत

दो दिवसीय ह्यूमन रिसोर्स मोबिलिटी पार्टनरशिप फोरम में नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नियोक्ता और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।फोरम के दौरान भारत उन पांच प्रमुख देशों—जर्मनी, इटली, जापान, रूस और डेनमार्क—के साथ द्विपक्षीय चर्चाएं कर रहा है, जिनके साथ हाल के वर्षों में गतिशीलता एवं प्रवासन संबंधी समझौते हुए हैं।इसका उद्देश्य कुशल मानव संसाधन की सुरक्षित आवाजाही को और अधिक प्रभावी बनाना तथा रोजगार, प्रशिक्षण और कौशल विकास के नए अवसर तैयार करना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here