बिसौली (बदायूं)। लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के बावजूद माहिरा लॉ कॉलेज, बिसौली में शैक्षणिक गतिविधियां निर्बाध रूप से जारी रहीं। प्रतिकूल मौसम के कारण कॉलेज में दूसरे दिन केवल 10 से 12 छात्र-छात्राएं ही उपस्थित हो सके, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने नियमित कक्षाओं का संचालन कर यह संदेश दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।कॉलेज प्रशासन की इस पहल की छात्रों और अभिभावकों ने सराहना की। संस्थान ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमित अध्ययन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्राचार्य ने पढ़ाया भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 का महत्वपूर्ण पाठ
कॉलेज के प्राचार्य बृजेश कुमार शर्मा ने उपस्थित विद्यार्थियों को भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 (Indian Contract Act, 1872) के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किसी भी वैध अनुबंध (Valid Contract) के लिए निम्नलिखित तत्व आवश्यक हैं—
- प्रस्ताव (Offer)
- स्वीकृति (Acceptance)
- प्रतिफल (Consideration)
- पक्षकारों की विधिक क्षमता (Competency of Parties)
- स्वतंत्र सहमति (Free Consent)
उन्होंने विद्यार्थियों को अनुबंध कानून के व्यावहारिक महत्व से भी अवगत कराया और कहा कि विधि का गहन अध्ययन एक सफल अधिवक्ता एवं न्यायिक अधिकारी बनने की पहली शर्त है।
कानून की शिक्षा समाज में न्याय स्थापित करने का माध्यम
प्राचार्य बृजेश कुमार शर्मा ने कहा कि कानून की पढ़ाई केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में न्यायिक सोच, संवैधानिक मूल्यों और विधि के शासन (Rule of Law) के प्रति समझ विकसित करना भी है।उन्होंने छात्रों से नियमित अध्ययन, उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णयों का विश्लेषण करने तथा व्यावहारिक विधिक ज्ञान अर्जित करने का आह्वान किया।
गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा का केंद्र बन रहा है माहिरा लॉ कॉलेज
माहिरा लॉ कॉलेज, बिसौली क्षेत्र के प्रमुख विधि शिक्षण संस्थानों में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। कॉलेज में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण पद्धति, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।संस्थान का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे विधि विशेषज्ञ तैयार करना है जो समाज के प्रति उत्तरदायी, संवेदनशील और न्याय के प्रति समर्पित हों।
छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि संस्थान में विद्यार्थियों के शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं नैतिक विकास पर समान रूप से ध्यान दिया जाता है। उन्हें भविष्य में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी, विधिक सलाहकार और अन्य विधि विशेषज्ञ बनने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान किए जा रहे हैं।बारिश जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद नियमित कक्षाओं का संचालन इस बात का प्रमाण है कि माहिरा लॉ कॉलेज विद्यार्थियों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।






