रामगोपाल यादव का WhatsApp मैसेज अभियान रुका, रोज 5 हजार लोगों को भेजते थे संदेश
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव का रोजाना WhatsApp संदेश भेजने का सिलसिला फिलहाल थम गया है, उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि WhatsApp ने उनके अकाउंट से संदेश भेजने पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसके कारण वह 31 जुलाई तक अपने नियमित संदेश नहीं भेज पाएंगे।
रामगोपाल यादव ने बताया कि वह हर सुबह करीब 5 हजार लोगों को सुप्रभात संदेश भेजते थे और उनके अच्छे स्वास्थ्य व बेहतर दिन की कामना करते थे, लेकिन अब WhatsApp की ओर से लगाई गई अस्थायी पाबंदी के चलते वह कुछ समय के लिए अपने शुभचिंतकों तक यह संदेश नहीं पहुंचा सकेंगे।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
रामगोपाल यादव ने अपनी पोस्ट में बताया कि WhatsApp ने उनके संदेश भेजने की सुविधा को 31 जुलाई तक रोक दिया है, उन्होंने कहा कि वह रोजाना अपने संपर्क में रहने वाले लोगों को सुबह संदेश भेजते थे, लेकिन अब यह नियमित प्रक्रिया कुछ समय के लिए बंद रहेगी।
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उनकी इस जानकारी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई, कई समर्थकों ने जल्द ही रोक हटने की उम्मीद जताई, जबकि कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में संदेश भेजने पर WhatsApp ने यह कदम क्यों उठाया।
WhatsApp की नीतियों के तहत हो सकती है कार्रवाई
WhatsApp की नीतियों के अनुसार, यदि किसी अकाउंट से एक साथ बड़ी संख्या में संदेश भेजे जाते हैं या किसी तरह की असामान्य गतिविधि दर्ज होती है, तो सुरक्षा कारणों से उस अकाउंट पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
हालांकि, रामगोपाल यादव के मामले में WhatsApp की ओर से अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनके अकाउंट पर रोक लगाने की वास्तविक वजह क्या है।
डिजिटल माध्यम से जुड़े रहते हैं समर्थकों से
राजनीतिक नेताओं के लिए सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म जनता और समर्थकों से संवाद का अहम माध्यम बन चुके हैं, रामगोपाल यादव भी लंबे समय से WhatsApp के जरिए अपने संपर्कों तक संदेश पहुंचाते रहे हैं, रोजाना हजारों लोगों को भेजे जाने वाले उनके संदेशों पर लगी अस्थायी रोक अब राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है, 31 जुलाई के बाद यह सुविधा दोबारा शुरू होगी या नहीं, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।






