अमेठी: अपने तीखे बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर चर्चा में हैं। अमेठी के सिंहपुर ब्लॉक के पेंडारा गांव में आयोजित बूथ समीक्षा बैठक के दौरान मौर्य ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। साथ ही, अपने अमेठी दौरे के विरोध और कथित धमकियों को लेकर विरोधियों पर भी जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने कुंडा के राजा भैया का जिक्र करते हुए अपने राजनीतिक इतिहास की बात कही और विरोधियों को खुली चुनौती दी।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि कुछ लोगों ने उनके अमेठी आने पर विरोध करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सद्बुद्धि मिलनी चाहिए, लेकिन वह किसी भी तरह की धमकी से डरने वाले नहीं हैं। मौर्य ने कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें फोन कर कथित विरोध की जानकारी दी थी, जिसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे चिंता न करें, वह खुद अमेठी आ रहे हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में कुंडा के राजा भैया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को उनका राजनीतिक इतिहास नहीं पता है, वे राजा भैया से जाकर पूछ सकते हैं कि बसपा सरकार के दौरान उनकी क्या स्थिति हुई थी। मौर्य ने कहा कि वह धमकी देने वालों की चिंता नहीं करते और इसी वजह से उन्होंने कथित धमकियों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया।
मौर्य ने कहा कि अगर किसी को उनका विरोध करना है तो वह सामने आकर करे। उन्होंने कहा कि वह किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं रखते और पूरा देश उन्हें नेता के तौर पर जानता है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कथित तौर पर धमकी देने वालों को चुनौती देते हुए कहा कि वह ऐसी धमकियों के दबाव में आने वाले नहीं हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें धमकी देने की कोशिश की है, उन्हें वह चुनौती देते हैं कि 2027 में ऐसे लोगों को सत्ता से बाहर करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर अपने विचार और मुद्दों को लेकर है। अपने संबोधन के अंत में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि जो उन्हें छेड़ता है, वह उसे छोड़ते नहीं हैं। अमेठी में उनके इस बयान के बाद एक बार फिर उनके सियासी तेवर चर्चा में हैं। अब देखना होगा कि स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान पर प्रदेश की सियासत में विरोधी दलों की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।






