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A for Apple’ नहीं, ‘A for अमरूद’! अनिरुद्धाचार्य का नया बयान वायरल

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‘A for Apple’ नहीं, ‘A for अमरूद’! कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयान ने छेड़ी नई बहस

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह बच्चों को अंग्रेजी वर्णमाला में ‘A for Apple’ पढ़ाने पर सवाल उठाते हुए ‘A for अमरूद’ पढ़ाने की वकालत करते नजर आ रहे हैं, उनका कहना है कि भारत में बच्चों को स्थानीय और भारतीय संदर्भ से जुड़े उदाहरणों के साथ शिक्षा दी जानी चाहिए।

वीडियो में अनिरुद्धाचार्य कहते हैं कि “A for Apple” एक विदेशी संदर्भ है, जबकि भारत में अमरूद एक आम और आसानी से उपलब्ध फल है, उनके अनुसार, यदि बच्चों को ‘A for अमरूद’ पढ़ाया जाए तो इससे भारतीय फलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और स्थानीय किसानों को भी लाभ मिल सकता है।

पढ़ाई में बदलाव की बात

अनिरुद्धाचार्य का कहना है कि समय के साथ शिक्षा में भी बदलाव होना चाहिए। उनका तर्क है कि बच्चों को जिन चीजों से परिचित कराया जाता है, उनका प्रभाव उनकी पसंद और सोच पर पड़ता है, उनके अनुसार, यदि शिक्षा में भारतीय फलों और उत्पादों को अधिक महत्व दिया जाए तो इससे देश के किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिल सकता है।

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उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाना है तो शिक्षा में भारतीय संदर्भों को प्राथमिकता देने पर विचार किया जाना चाहिए, इसी संदर्भ में उन्होंने ‘A for Apple’ की जगह ‘A for अमरूद’ पढ़ाने की बात कही।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

अनिरुद्धाचार्य के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है, कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाला विचार बता रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है कि अंग्रेजी वर्णमाला के उदाहरण केवल सीखने का माध्यम होते हैं और उनका किसी देश की अर्थव्यवस्था से सीधा संबंध नहीं होता।

फिलहाल, अनिरुद्धाचार्य का यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उनके तर्कों पर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

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