मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि अनुशासन, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा में व्यवधान उत्पन्न करने वाले उपद्रवियों, अफवाह फैलाने वालों और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, कांवड़ यात्रा, बाढ़ की स्थिति, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों, खाद की उपलब्धता और स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जातीय विद्वेष फैलाने की कोशिशों के बीच कांवड़ यात्रा सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है। सरकार के साथ अनेक सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हैं। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती राज्यों से समन्वय बना हुआ है और गाजियाबाद से अब तक करीब 70 हजार कांवड़ यात्री गुजर चुके हैं।
बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने उर्स के दौरान शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए शाकाहारी भोजन वितरण और सीमित आयोजन को सामाजिक सद्भाव का सकारात्मक उदाहरण बताया। किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को खाद वितरण व्यवस्था पारदर्शी रखने, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने तथा नेपाल सीमा से सटे जिलों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
महिला सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश दिए। उन्होंने सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर और बलिया में तटबंधों की सुरक्षा मजबूत करने तथा कटान प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराने को कहा।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस अनिवार्य रूप से जांचने और केवल मानक पूरे करने वाले वाहनों के संचालन की अनुमति देने के निर्देश दिए। साथ ही ई-रिक्शा, टैक्सी और स्कूल वाहन चालकों का सत्यापन सुनिश्चित करने को भी कहा।
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव (गृह), राहत आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।






