मुजफ्फरनगर में श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान शुक्रवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहीं दो महिलाएं बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करती नजर आईं। दोनों महिलाओं के मुताबिक, उन्होंने सनातन धर्म अपनाया है और इसी आस्था के साथ कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रही हैं। दरअसल, गाजियाबाद निवासी तमन्ना मलिक और अनीशा हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकली हैं। जब दोनों महिलाएं मुजफ्फरनगर पहुंचीं तो उन्हें कांवड़ के साथ देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने दोनों का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
बातचीत में तमन्ना मलिक ने दावा किया कि उन्होंने सनातन धर्म अपना लिया है। उनका कहना है कि सनातन परंपरा में महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिलती है और इसी विश्वास के साथ उन्होंने ‘घर वापसी’ का फैसला किया। उन्होंने दूसरी मुस्लिम महिलाओं से भी सनातन धर्म अपनाने की अपील की। तमन्ना के मुताबिक, वह अपने परिवार की सुख-शांति और वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में दोबारा योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने की कामना को लेकर कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा नहीं है, बल्कि इससे पहले वह पिछले वर्ष भी कांवड़ यात्रा कर चुकी हैं।
तमन्ना ने कहा कि उन्हें कट्टरपंथियों से डर नहीं लगता और वह अपनी आस्था के साथ आगे बढ़ती रहेंगी। वहीं, उनके साथ कांवड़ यात्रा कर रहीं अनीशा ने भी अपनी आस्था और यात्रा को लेकर अपनी बात रखी। दोनों महिलाओं की कांवड़ यात्रा को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा बनी हुई है। फिलहाल दोनों महिलाएं गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गई हैं।






